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Showing posts from July, 2017

Gaj Kesari Yog ( गजकेसरी योग ) कैसे बनता है?

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            narayanjyotishparamarsh1144blogspot.com जन्मांग में गुरु एवं चन्द्रमा एक-दूसरे से केन्द्र में होते हैं तो गजकेसरी योग बनता है। यह एक अत्यन्त ही उत्तम योग है। विभिन्न ज्योतिषाचार्यों ने इसकी भूरि-भूरि प्रशंसा की है।गजकेसरी योग में उत्पन्न जातक शत्रुहन्ता, वाकपटु, राजसी सुख एवं गुणों से युक्त, दीर्घजीवी, कुशाग्रबुद्धि, तेजस्वी एवं यशस्वी होता है। गज-केसरी-योग ज्योतिष शास्त्र में कई शुभ और अशुभ योगों का वर्णन किया गया है| शुभ योगों में गजकेशरी योग को अत्यंत शुभ फलदायसी योग के रूप में जाना जाता है| गजकेशरी योग (Gaj Kesari Yoga) को असाधारण योग की श्रेणी में रखा गया है। यह योग जिस व्यक्ति की कुण्डली में उपस्थित होता है उस व्यक्ति को जीवन में कभी भी अभाव नहीं खटकता है। इस योग के साथ जन्म लेने वाले व्यक्ति की ओर धन, यश, कीर्ति स्वत: खींची चली आती है। जब कुण्डली में गुरू और चन्द्र पूर्ण कारक प्रभाव के साथ होते हैं तब यह योग बनता है। लग्न स्थान में कर्क, धनु, मीन, मेष या वृश्चिक हो तब यह कारक प्रभाव के साथ माना जाता है। हला...

*👉आज का राशिफल👈*

            *सुप्रभातम्* *दिनांक 31 जुलाई 2017, सोमवार, विक्रमी संवत 2074, शक संवत 1939, वर्षा ऋतू, दक्षिणायण अयन, श्रावण मास, अष्टमी तिथि(09:46 तक,09:47 से नवमी तिथि चालू) शुक्ल पक्ष, स्वाति नक्षत्र, शुभ योग*       *👹राहुकाल👹* *💥सुबह 07:26 से 09:06💥* *❌राहुकाल में सभी कार्य वर्जित हैं।❌*            *👉नोट👈* *👉राशिफल पड़ने के बाद आगे शेयर करें।आप जैसे किसी मित्र का मार्गदर्शन होगा।*   *🌞सूर्योदय-06:13🌞*   *🌝सूर्यास्त-19:16🌝* *💥  अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है। एवं नवमी तिथि को लौकी खाना गौमांस खाने के बराबर माना गया है।। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खण्ड: 27.29-34)* *💥अष्टमी तिथि के दिन स्त्री सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषेध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खण्ड:27.29-38)*  *🐑मेष-जो धुंध आपके चारों तरफ़ छायी हुई है और आपकी प्रगति को बाधित कर रही है, उससे बाहर निकलने का समय है। चालाकी भरी आर्थिक योजनाओं में फँसने से बचें- निवेश करन...

*🌷सावन का चौथा सोमवार🌷*

💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥 सावन का चौथा सोमवार है खास, शिव शक्ति से पाएं गाड़ी-बंगले का वरदान *सोमवार 31 जुलाई 2017 को सावन का चौथा सोमवार पड़ रहा है। इसके साथ-साथ श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी भी है।* इस दिन सावन माह में आने वाली दुर्गा अष्टमी भी मनाई जाएगी। जिससे ये सोमवार असाधारण बन जाता है। इस सोमवार पर भक्तों को भोले बाबा के साथ-साथ मां गौरी की भी असीम कृपा प्राप्त होगी। ज्योतिषशास्त्र अनुसार इस दिन सूर्योदय से लेकर दिन 2:29 तक शुभ नाम का विशिष्ट योग बन रहा है। इसके बाद 2:30 बजे से शुक्ल नाम का खास योग भी बन रहा है। जो पूजा-पाठ अनुष्ठान के लिए खास माना जाता है। सुबह 9:46 मिनट तक शेर की भांति शक्तिशाली बाल्व नाम का करण रहेगा। इसके बाद चीते के समान शक्तिशाली बाल्व नाम का करण रहेगा। ये दोनों करण विजय के सूचक हैं। इस विशिष्ट पर्व पर शिव और शक्ति का खास पूजन करने से शत्रुओं से छुटकारा मिल सकता है तथा गाड़ी-बंगले की इच्छा भी पूरी हो सकती है। 🌻ज्योतिषशास्त्र के अनुसार चन्द्रमा कुण्डली के चौथे भाव का प्रतिनिधित्व करता है। चौथा भा...

*राखी कैसी हो*

*📿वैदिक रक्षासूत्र📿* *रक्षासूत्र मात्र एक धागा नहीं बल्कि शुभ भावनाओं व शुभ संकल्पों का पुलिंदा है । यही सूत्र जब वैदिक रीति से बनाया जाता है और भगवन्नाम व भगवद्भाव सहित शुभ संकल्प करके बाँधा जाता है तो इसका सामर्थ्य असीम हो जाता है *📿कैसे बनायें वैदिक राखी ?📿* वैदिक राखी बनाने के लिए एक छोटा-सा ऊनी, सूती या रेशमी पीले कपड़े का टुकड़ा लें । उसमें *(१) दूर्वा* *(२) अक्षत (साबूत चावल)* *(३) केसर या हल्दी* *(४) शुद्ध चंदन* *(५) सरसों के साबूत दाने* *इन पाँच चीजों को मिलाकर कपड़े में बाँधकर सिलाई कर दें । फिर कलावे से जोड़कर राखी का आकार दें । सामर्थ्य हो तो उपरोक्त पाँच वस्तुओं के साथ स्वर्ण भी डाल सकते हैं । *📿वैदिक राखी का महत्त्व📿* वैदिक राखी में डाली जानेवाली वस्तुएँ हमारे जीवन को उन्नति की ओर ले जानेवाले संकल्पों को पोषित करती हैं । *🎋(१) दूर्वा* *🏵जैसे दूर्वा का एक अंकुर जमीन में लगाने पर वह हजारों की संख्या में फैल जाती है, वैसे ही ‘हमारे भाई या हितैषी के जीवन में भी सद्गुण फैलते जायें, बढ़ते जायें...’ इस भावना का द्योतक है दूर्वा । दूर्वा गणेशजी की प्...

आज का राशिफल

               🙏जय श्री नारायण🙏   *दिनांक 30 जुलाई 2017, रविवार, विक्रमी संवत 2074, शक संवत 1939, वर्षा ऋतू, दक्षिणायण अयन, श्रावण मास, सप्तमी तिथि(08:07 तक,08:08 से अष्टमी तिथि चालू) शुक्ल पक्ष, चित्रा नक्षत्र, साध्य योग*       *👹राहुकाल👹* *💥17:28 से 19:09💥* *❌राहुकाल में सभी कार्य वर्जित हैं।❌*            *👉नोट👈* *👉राशिफल पड़ने के बाद आगे शेयर करें।आप जैसे किसी मित्र का मार्गदर्शन होगा।*   *🌞सूर्योदय-06:12🌞*   *🌝सूर्यास्त-19:17🌝* *💥 सप्तमी तिथि को ताड़ का फल का फल खाने रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है।और अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है।। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खण्ड: 27.29-34)* *💥अष्टमी तिथि एवम् रविवार के दिन स्त्री सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषेध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खण्ड:27.29-38)* *💥रविवार के दिन मसूर की दाल,अदरक, और लाल रंग का साग नही खाना चाहिये।(ब्रह्मवैवर्त पुराण,श्री कृष्ण खण्ड:75.90)* *💥स्कं...

पति जब देवता न बन पाए ,घर तबाह करे तो

=========================== दाम्पत्य जीवन स्त्री -पुरुष के एक संकल्प के साथ एक होकर चलने के भावना से शुरू होता है |इसमें लड़का और लड़की दोनों दो पहिये होते हैं और इनकी इस सम्बन्ध में अपनी सोच ,कल्पनाएँ ,भावनाएं होती हैं |विवाह के पूर्व लडकी अपने मन में अपने भावी वैवाहिक जीवन और पति को लेकर असंख्य कल्पनाएँ करती है ,उसकी अनेक भावनाएं होती है | वह अपने पति को सौम्य ,सरल ,सीधा ,बात मानने वाला ,प्यार करने वाला ,उसका सम्मान करने वाला ,चरित्रवान ,समझदार ,सुख दुःख में साथ देने वाला कल्पित करती हैं |विवाह पूर्व वह कलह ,विवाद ,ईगो ,चारित्रिक दोष की कल्पना नहीं कर पाती और सोचती है की पति को अपने अनुकूल ढाल लेगी |विवाह बाद अधिकतर मामलों में इसका उल्टा हो जाता है |आधुनिक समय में लगभग २० प्रतिशत दम्पति अलग हो जाते हैं विभिन्न कारणों से |इनमे पुरुषों की कमी से अलगाव अधिक होता है लेकिन स्त्री के कारण अलगाव का प्रतिशत भी तेजी से बढ़ रहा है | 80 प्रतिशत दम्पतियों में से  75  प्रतिशत एडजस्ट करते हैं मजबूरी में एक दुसरे की कमी को देखते समझते हुए भी |केवल  5  प्रतिशत की लाइफ शान्ति से...