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This is our country's

Narayan jyotish paramarsh This is our country's independence chart - 15.08.1947, 0000 hrs, New Delhi. The functional malefic lord of the twelfth house Mars is placed on the most effective point of the second house ruling status, harmonious relationship amongst various sections of the society and wealth.During the sub period of the functional malefic Mars from September 1995 to November 1996, the country lost its status in the eyes of world due to large number of financial scams and scandals like, hawala, fodder scam, broad guage conversion, political bribery to MPs, allotment of houses and agencies, etc. besides the continuous unfavourable foreign trade and rising foreign and internal debt. The placement of exalted Rahu close with the most effective point of the ascendant indicates loss of moral character by many, incidence of various scams an generation of black money.The transit malefic influence of Rahu & Ketu on the natal Rahu, Ketu and the Moon in end of March, 1997

|| व्यापार_योग ||

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||#हतेली _में_व्यापार_योग||                                             हतेली में बुध पर्वत पर तीन रेखाएं स्पष्ट खड़ी हो साथ ही बुध पर्वत ठीक तरह से विकसित हो बुध की ऊँगली(कनिष्का ऊँगली) सूर्य की ऊँगली(अनामिका ऊँगली)के तीसरे पोर तक जाती हो गुरु शनि पर्वत विकसित हो भाग्यरेखा चंद्र पर्वत या मणिबंध से निकालकर शनि पर्वत बिना किसी रुकाबट के बली होकर जाती हो तो ऐसे जातक व्यापार करते है और व्यापार में सफलता प्राप्त करते है।बुध पर्वत व्यापार का कारक है तो गुरु धन का तो शनि परिश्रम का कारक इन तीनो का हाथ में भाग्यरेखा सहित बली होना निश्चित ही व्यापार में सफलता देता है।बुध पर्वत पर तीन रेखाएं या कोई शुभ चिन्ह होना व्यापारिक सफलता के लिए जरूरी है या बुध रेखा हाथ में हो।जातक व्यापार किस चीज का करेगा यह भाग्यरेखा अंत में ओर की अंत में शाखाएं किस ग्रह की ओर जा रही है उस ग्रह से सम्बंधित जातक व्यापार करता है।यदि अन्य में भाग्यरेखा की कई शाखाये हो तब जातक कई चीजो का व्यापार करता है ग्रहो के कारक तत्व सम्बंधित विषय के अनुसार।यदि बुध गुरु शनि पर्वत अविकसित हो भाग्यरेखा दुर्बल हो तो ऐसे जातक को कभी व्

Know

Know      Every child is unique in behavior and action which he / she has inherited from past karma. Horoscope of child indicates natural tendencies and parents It is my humble advice that the horoscope analysis should be done from birth and not when you face difficulty & rush for remedies. Believe that there is no instant remedy as per our circumstances and ours will be prepared in coming circumstances if we already prepare.     In this article, I will try to indicate how we can handle our child in early childhood For proper analysis the horoscope of parents Mother, father and child form a triangle on which foundation of happy / unhappy family depends In astrology, mother is denoted by moon and 4th house. Moon is emotion, attachment, nurturing etc like mother and 4th house is place where child feels safe and gets all her / her childhood needs Father is denoted by Sun Who controls full day activities and gives life sustaining strength to face outer world while mother nurtures hi
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पारद लक्ष्मी गणेशजी की मूर्ति सब मूर्तियों में श्रेष्ठ बताई गई हैं देवी श्री लक्ष्मी ने स्वयं भगवान विष्णु से कहा था कि जिस स्थान पर मेरी पारद प्रतिमा की पूजा हो गई उस स्थान पर सदैव मेरा वास होगा, देवी लक्ष्मी देवी दुर्गा का ही एक रूप हैं जोकि भगवान विष्णुजी की पत्नी हैं यह धन,सुख सुविधा एवम् ऐश्वर्य प्रदान करने वाली हैं और इनके साथ ही इनके मानस पुत्र भगवान गणेशजी की पूजा का विधान हैं इसी कारण इन दोनों की पूजा एक साथ होती हैं भगवान गणेशजी स्वयं ऋद्धि-सिद्धि के दाता हैं सारे विध्नों के विनाशक हैं, शुभ हैं। विशेष मंगलकारक हैं इनकी कृपा से धन प्राप्ति में आने वाली सारी विध्न - बाधाएँ नष्ट होती हैं जिससे धनागम के द्वार खुल जाते हैं जिस स्थान पर देवी लक्ष्मी का वास होता हैं वहाँ कभी भी धन का अभाव नहीं होता एवम् वहाँ के लोगों को कोई परेशानी नहीं होती। पारद लक्ष्मीगणेश की मूर्ति को स्थापित करने से आपको धन की प्राप्ति काफी अधिक मात्रा में होने लगती हैं जीवन में कभी भी धन का अभाव नहीं रहता हैं घर में सभी प्रकार की सुख, शांति, समृद्धि बनी रहती हैं। आपको हर काम में सफलता एवम् नौकरी में आने वाली