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घर परिवार की खुशहाली के लिए औरतें सुबह उठतकर जरूर करें ये काम

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आपको बता दें, कि हिंदू धर्म शास्त्रों में लिखा हैं कि घर में खुशहाली की चाबी महिला के हाथ में होती हैं घर की औरत जैसा चाहे अपने घर को बना सकती हैं वही वास्तुशास्त्रों के मुताबिक अगर औरत कुछ चीजों को ध्यान में रखे तो घर की सभी परेशानियों और समस्याओं से मनुष्य को छुटकारा मिल सकता हैं वही ऐसा भी कहा जाता हैं कि जिस घर का​ निर्माण वास्तु के हिसाब से नहीं होता हैं वहां के लोगो को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं इसके साथ ही वास्तुशास्त्र में कुछ ऐसी बातें भी बताई गई हैं जिनका महिलाओं के द्वारा पालन करना लाभकारी माना जाता हैं तो आज हम आपको वास्तु शास्त्रों के हिसाब से घर की महिलाओं को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। इसके बारे में बताने जा रहे हैं तो आइए जानते हैं। वास्तुशास्त्रों के मुताबिक घर की महिलाओं को सूर्योदय से पहले उठ जाना चाहिए। सुबह उठकर घर की साफ सफाई करने के बाद भगवान की आरती उतारने से घर में मौजूद आलस्य और परेशानियां मीलों दूर हो जाती हैं वही साथ ही घर के लोगो का स्वास्थ्य भी अच्छा बना रहता हैं। घर के मुखिया अगर सुबह उठकर तांबे के लोटे में पानी भरकर, मेन गेट या फ

जन्मपत्रिका

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जन्मपत्रिका में राहु -केतु द्वारा निर्मित शुभाशुभ योग 〰🌼〰🌼〰🌼〰🌼〰🌼〰🌼〰🌼〰 १ अष्ट लक्ष्मी योग👉 जन्मांग में राहु छठे स्थान में और वृहस्पति केंद्र में हो तो अष्ट लक्ष्मी योग बनता हैं। इस योग के कारण जातक धनवान होता हैं और उसका जीवन सुख शांति के साथ व्यतीत होता हैं। २ मोक्ष योग👉 जन्मांग में वृहस्पति और केतु का युति दृष्टि सम्बन्ध हो तो मोक्ष योग होता हैं। यदि केतु गुरु की राशी और वृहस्पति उच्च राशी कर्क में हो तो मोक्ष की सम्भावना बढ़ जाती हैं। ३ परिभाषा योग👉 तीसरे छठे, दसवे या ग्यारहवे भाव में राहु शुभ होकर स्थित हो तो परिभाषा योग का निर्माण करता हैं। ऐसा राहु जातक को कई प्रकार की परेशानियों से बचा लेता हैं। इनमे स्थित राहु दुसरे ग्रहों के अशुभ प्रभाव को भी कम करता हैं। ४👉 अरिष्ट भंग योग👉 मेष ,वृष या कर्क लग्न में राहु नवम, दशम या एकादश भाव में स्थित हो तो अरिष्ट भंग योग बनता हैं जो अपने नाम के अनुसार ही कई प्रकार के अरिष्टो का नाश करता हैं। ५ लग्न कारक योग👉 यदि लग्नेश अपनी उच्च राशी या स्वराशी में हो और राहु लग्नेश की राशी में स्थित हो तो लग्न कारक योग बनता हैं। यह