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जन्मकुंडली में यदि शुक्र शुभ हो तो

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जन्मकुंडली में यदि शुक्र शुभ हो तो ऐसे जातक के शोक बड़े-बड़े होंगे और सभी शोक पूर्ण होंगे  आपके यदि जन्म कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत है प्रबल है और योग अच्छे सहयोग बन रहे हैं तो आप जीवन में सबसे सफल व्यक्ति हो सकते हैं यह हमारे व्यक्तिगत अनुभव है. • जातक अच्छा पहनने, घूमने फिरने, Shopping करने और अपने ऊपर पैसा ख़र्च करने वाला होगा l • शादीशुदा जीवन का सुख अच्छा होगा और दोनो जीवनसाथी अलग-अलग जगह पर घूमने के शोकीन होंगे  • जातक हसमुख स्वभाव का और सभी से अच्छे सम्बंध रखने वाला होगा l   #astronarayan #narayanjyotish #narayanjyotishparamarsh #bestastrologer #ASTRO #astronarayanjyotish   आप लोग भी अपने ग्रहों से जुड़ा हुआ किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं जन्मकुंडली से जुड़ा हुआ किसी भी प्रकार से सलाह परामर्श प्राप्त करना चाहते हैं तो संपर्क करें।  जन्म कुंडली बनवाने के लिए संपर्क करें। http://www.astronarayan.com/

ग्रहों का प्रभाव

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  ग्रहों का प्रभाव देता है अच्छे व बुरे परिणाम   व्यक्ति जब जन्म लेता है तो उसी समय से उस पर ग्रहों का प्रभाव पडऩा शुरू हो जाता है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक हर व्यक्ति के जीवन में जो अच्छे या बुरे परिणाम आते रहते हैं, यह सब ग्रहों का ही प्रभाव होता है। हर व्यक्ति की कुण्डली में ग्रहों के कुछ विशेष योग होते हैं।  ज्योतिषशास्त्र के माध्यम से इन योगों से व्यक्ति के जीवन में कब कैसा उतार चढ़ाव आएगा, इसकी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। जन्म कुण्डली में योग का अध्ययन करते समय योग बनाने वाले ग्रहों की स्थिति का आंकलन बहुत ही सूक्ष्मता पूर्वक किया जाना होता है। योग के दौरान जो ग्रह प्रबल होता है उसका फल ही प्रमुख रूप से प्राप्त होता है। अगर आप जानना चाहते हैं, अपने उज्जवल भविषय के बारे में तो संपर्क करें।   शास्त्री जी  http://astronarayan.com/

True love

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!!!Astro !!! Astro Narayan !!! Jp Astro !!! Best Astrologer !!! Narayan !!! !!! Narayan Jyatish !!! AstroYogi!!!  🌷 True love & bond is inseparable & always exists within one's soul.... 👁️This is the launguage of the eyes which read other eyes heal entirely & nurture the soul that makes one feel alive...And gives the new optimism about the life.😇🙏 🌍World is really big but the heart who can understand urs is rare to meet !! ✨That deep belonging & soul spark has no wordly defination but an eternal experience in itself which leaves imprint on ur existence. 💜If you find one in any form take it as God's token of love for you... Understand them, value them & keep them closer to your heart... 😇Only luckiest one gets the chance to love & being loved & understood so deeply on such pious soul level.... 👩‍❤️‍👨When you respect & accept eachother from the core & love unconditionally every day is day of Love & bliss.... 🌹 Pt.AbhishekShastri...

कैसे बनें करोड़पति !!!

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  ऐसा योग है तो आप बनेंगे करोड़पति... astroyogi !!! astro !!! astronarayan !!! bestastrologer !!! blog !!! jpastro !!! jyotish !!! Narayan !!! narayan !!! jyotish !!! narayanjyotishparamarsh   👉ज्योतिषशास्त्र में कुछ विशेष शुभ योग भी बताए जाते हैं, ऐसे में यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में यह योग हैं, तो व्यक्ति को जीवनभर धन की कमी नहीं रहती है। ऐसे ही शुभ योगों में से एक योग है रुचक योग।  👉 कुंडली में मंगल ग्रह अपनी राशि का होकर या मूल त्रिकोण या उच्च का होकर केंद्र में स्थित हो तो रुचक योग बनता है। इस योग में जन्म लेने वाला व्यक्ति शारीरिक रूप से बलवान होता है। अपने कार्यों से वह संसार में प्रसिद्ध होता है और स्वयं के अतिरिक्त देश का नाम भी ऊंचा करता है।  👉वह स्वयं राजा होता है या उसका जीवन राजा की तरह होता है। सामान्यत: आज के समय में ऐसे योग वाले व्यक्ति करोड़पति हो सकते हैं। अपनी संस्कृति के प्रति वह आस्थावान होता है। देश की उन्नति के लिए प्रयास करता है। वह भावना से युक्त होता है व उसके साथ कई लोग रहते हैं। उसके मित्र सच्चे होते हैं व चरित्र उज्जवल होता है। ...

राजनेता बनने के योग

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  आपकी कुंडली में हैं ये योग, तो आपको बड़ा राजनेता बनाकर छोड़ेगें।  व्यक्ति जब जन्म लेता है तो उसी समय से उस पर ग्रहों का प्रभाव पडऩा शुरू हो जाता है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक हर व्यक्ति के जीवन में जो अच्छे या बुरे परिणाम आते रहते हैं, यह सब ग्रहों का ही प्रभाव होता है।  ज्योतिषशास्त्र एक ऐसी विद्या है जो लोगों के भूतकाल से लेकर भविष्य तक को उजागर करने में सक्षम है। कुंडली अध्ययन के समय मुख्य पांचों तत्वों (आकाश, जल, पृथ्वी,अग्रि व वायु)के साथ ही नक्षत्र और राशियों को ध्यान में रखा जाता है। इसमें भी गगन या आकाश तत्व को सर्वाधिक महत्व दिया जाता है।    किसी की भी कुंडली में लग्न सबसे प्रभावी माना जाता है, क्योंकि यह 'स्व' अर्थात स्वयं को सूचित करता है और इस पर आकाश तत्व का आधिपत्य होता है। जानकारों के मुताबिक ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों के योगों का बड़ा महत्व है। पराशर से लेकर जैमनी तक सभी ने ग्रह योग को ज्योतिष फलदेश का आधार माना है। योग के आंकलन के बिना सही फलादेश कर पाना संभव नहीं है। अपने कुंडली से संबधित और अधिक जानकारी के लिए कृपया पेज को सब्स्क्राइब करें।...

बुध अरिष्ट शांति के विशेष उपाय एवं टोटके

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〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ १👉 ब्रह्मी बूटी या तुलसी की जड़ हरे वस्त्र में रखकर बुध के नक्षत्रो (अश्लेशा,ज्येष्ठा, एवं रेवती) में बुध के बीज मंत्र की कम से कम ३ माला जप करने के बाद हरे रंग के धागे में गंगा जल के छींटे लगा कर पुरुष दाहिनी तथा स्त्री बाहिनी भुजा में धारण करने से बुध कृत अरिष्ट की शांति होगी। २👉 किसी भी शुक्ल पक्ष के  प्रथम बुधवार से शुरू करके लगातार २१ दिन तक श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ नियमित रूप से करें अंतिम दिन उद्यापन में पांच कन्याओं को हरे रंग के वस्त्र ५ फल एवं मिठाई दक्षिणा सहित दान करने से बुध के शुभत्व में वृद्धि होती है। ३👉 विद्या में बाधा या वाणी में दोष होने की स्तिथि में सरस्वती स्त्रोत्र का शुक्ल पक्ष के प्रथम बुधवार से प्रारंभ करके २१ दिन लगातार माँ सरस्वती को इलाईची, मिश्री एवं केले का भोग अर्पण करने के बाद पाठ करने से दोषों की शांति होती है। पाठ के बाद प्रसाद को बाँट कर स्वयं ग्रहण करे। सायं काल तुलसी जी के आगे घी का दीप जलाएं। ४👉 व्यापार में हानि अथवा संतान कष्ट की स्थिति में प्रत्येक बुधवार या प्रतिदिन गोपाल सहस्त्रनाम का ...

गोचर में बुध

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〰️〰️〰️〰️ जन्म या नाम राशि से २' ४' ६' ८' १० व ११ वें स्थान पर बुध शुभ फल देता है। शेष स्थानों पर बुध का भ्रमण अशुभ कारक  होता है। जन्मकालीन चन्द्र से प्रथम स्थान पर बुध का गोचर अप्रिय वाणी का प्रयोग, चुगलखोरी, धन हानि ,सम्बन्धियों को हानि तथा अनादर करता है। दूसरे👉 स्थान पर बुध  का गोचर धन आभूषण कि प्राप्ति,विद्या लाभ,वाक् पटुता, उत्तम भोजन व सम्बन्धियों से लाभ कराता है। तीसरे👉 स्थान पर बुध  का गोचर  भय ,बंधुओं से विवाद ,धन हानि,मित्र प्राप्ति कराता है। चौथे👉 स्थान पर बुध का गोचर माता का सुख,जमीन जायदाद का लाभ ,घरेलू सुख,बड़े लोगों से मैत्री कराता है। पांचवें👉 स्थान पर बुध  का गोचर मन में अशांति  ,संतान कष्ट ,योजनाओं में असफलता व आर्थिक चिंता करता है। छठे👉 स्थान पर बुध   का गोचर धन लाभ ,उत्तम स्वास्थ्य ,शत्रु पराजय , यश मान में वृद्धि देता है लेखन और कलात्मक कार्यों में प्रसिध्धि मिलती है। सातवें👉 स्थान पर बुध के  गोचर से स्त्री से विवाद ,शरीर पीड़ा,राज्य व उच्चाधिकारी से भय ,यात्रा –व्यवसाय में हानि और चिंता करता है। आठवें👉 स्थान पर ...

बुध का सामान्य दशा फल

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〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ जन्म कुंडली में बुध स्वग्रही, मित्र, उच्च राशि, नवांश का, शुभ भावाधिपति, षड्बली, शुभ युक्त, दृष्ट हो तो बुध की शुभ दशा में मित्रों से समागम ,यश प्राप्ति,वाणी में प्रभाव व अधिकार, बुद्धि की प्रखरता,विद्या लाभ,परीक्षाओं में सफलता, हास्य में रूचि, सुख-सौभाग्य, गणित-वाणिज्य-कंप्यूटर-सूचना विज्ञान आदि क्षेत्रों में सफलता,व्यापार में लाभ ,स्वाध्याय में रूचि,पद प्राप्ति व पदोन्नति होती है। लेखकों,कलाकारों,ज्योतिषियों,शिल्पकारों ,आढतियों ,दलालों के लिए यह दशा बहुत शुभ फल देने वाली होती है। जिस भाव का स्वामी बुध होता है उस भाव से विचारित कार्यों व पदार्थों में सफलता व लाभ होता है। यदि बुध अस्त , नीच शत्रु राशि नवांश का ,षड्बल विहीन ,अशुभभावाधिपति  पाप युक्त दृष्ट हो तो  बुध  दशा में मनोव्यथा,स्वजनों से विरोध ,नौकरी में बाधा,कलह, मामा या मौसी को कष्ट ,त्रिदोष विकार ,उदर रोग त्वचा विकार विषम ज्वर कंठ रोग बहम कर्ण एवम नासिका रोग पांडु रोग  संग्रहणी मानसिक रोग  वाणी में दोष इत्यादि रोगों से कष्ट, विवेक कि कमी ,विद्या में बाधा ,परीक्षा में असफलता ,व्यापार मे...

बुद्ध ग्रह का आपके व्यक्तित्व पर प्रभाव

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〰️〰️〰️〰️〰️ जन्म कुंडली में बुध का मेषादि राशियों में स्थित होने का फल इस प्रकार है :- मेष👉 बुध हो तो जातक कृश देह वाला, धूर्त, विग्रह प्रिय, नास्तिक, दाम्भिक, मद्यपान करने वाला, जुआरी,,नृत्य संगीत में रूचि रखने वाला, असत्य भाषी ,लिपि का ज्ञाता, परिश्रम से प्राप्त धन को नष्ट करने वाला,रति प्रिय,ऋण व बंधन भोगने वाला,कभी चंचल तो कभी स्थिर स्वभाव का होता है। वृष👉 बुध  हो तो जातक कार्य में दक्ष, विख्यात, शास्त्र का ज्ञाता, वस्त्र अलंकार व सुगंध प्रेमी, स्थिर प्रकृति,उत्तम स्त्री व धन से युक्त, मनोहर वाणी वाला, हास्य प्रेमी व वचन का पालन करने वाला होता है। मिथुन👉   बुध हो तो जातक ,बहुत विषयों का ज्ञाता ,शिल्प कला में कुशल,धर्मात्मा,बुद्धिमान, प्रिय भाषी,कवि,अल्प रतिमान, स्वतंत्र, दानी,पुत्र-मित्र युक्त,प्रवक्ता एवम अधिक कार्यों में लीन होता है। कर्क👉 बुध हो तो जातक प्राज्ञ,विदेश निरत, रति व गीत संगीत में चित्त वाला,स्त्री द्वेष के कारण नष्ट धन वाला,कुत्सित,चंचल,अधिक कार्यों में रत,अपने कुल कि कीर्ति के कारण प्रसिद्ध,बहु प्रलापी जल से धन लाभ प्राप्त करने वाला तथा अपने बन्धु-बां...

बुध ग्रह एक परिचय

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बुध👉 ग्रह रजोगुणी, पृथ्वी तत्त्व प्रधान,क्षुद्र जाति, गोलाकृति, त्रिधातु प्रकृति, उत्तर दिशा का स्वामी, दूर्वा की भांति हरा रंग, चर प्रकृति, मिश्रित रस, धातु स्वर्ण तथा इसके अधिपति देवता भगवान् श्री विष्णु हैं। ग्रह मंडल में बुध युवा राजकुमार का प्रतिक है। बुध मिथुन एवं कन्या राशि का स्वामी है तथा यह कन्या राही के १५° अंश पर परमोच्च और मीन के १५° अंश पर परम नीच का माना जाता है।तथा कन्या राशि के १६° से २०° तक मूल त्रिकोणस्थ होता है।इसकी सूर्य-शुक्र के साथ मैत्री भाव , चंद्र के साथ शत्रु भावी, मंगल-गुरु-शनि के साथ समभाव रखता है।बुध एक राशि चक्र को लगभग १८ दिन में पूरा कर लेता है। कारकत्व👇 〰️〰️〰️ बुध बुद्धि-चातुर्य, वाक् शक्ति(वाणी), त्वचा, मित्र-सुख, विद्या, शिल्प, व्यवसाय, लेखन, गणित, कला आदि का प्रतिनिधित्व करता है। इसके अतिरिक्त बुध से ज्योतिष, निपुणता, चिकित्सा, क़ानून, व्यापर, बंधु सुख, अध्यापन, संपादन, चित्रकला, चाची, मामी, मौसी, भानजा, भानजी, आदि बंधु वर्ग,भगवान् विष्णु संबंधी धार्मिक कार्य,विवेक, बुद्धि, तर्क-वितर्क, प्रकाशन, अभिनय, वकालत आदि बौद्धिक कार्यो का विच...