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Showing posts from August, 2020

अपने चेहरे के आकार से जानिए कितने भाग्‍यशाली हैं आप ...

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↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭ कहते हैं किसी का चेहरा पढ़कर आप उसके बारे में सारी बात जान सकते हैं लेकिन क्या आप जान सकते हैं किसी का चेहरा पढ़कर आप उसकी किस्मत के बारे में भी जान सकते हैं। तो कुल मिलाकर चेहरा इंसान के मन का ही नहीं, बल्कि उसकी किस्मत का भी आईना होता है। चेहरे से आप किसी भी व्यक्ति की किस्मत के बारे में बहुत कुछ जान सकते हैं। चेहरे के आकार बताते है –  आपका चेहरा अंडाकार है, तिकोना है, चौकोर है या फिर गोल है इससे आप किस क्षेत्र में तरक्की करेंगे, आपके प्रेम संबध कैसे रहेंगे और आप किन लोगों की संगत में रहेंगे, ये सब आप जान सकते हैं।  आपका चेहरा आपकी किस्मत से जुड़ी बहुत सी ऐसी बातें भी बातें सकता है जो शायद कोई और ना बता पाएं। समुद्रशास्त्र में ऐसी बहुत ही बातों का ज़िक्र है। आइए जानते हैं चेहरे के आकार  के हिसाब से लोगों का भाग्य कैसा होता है – अंडाकार चेहरे वाले लोग .... अंडाकार चेहरे वाले लोगों का स्वभाव बहुत ही आकर्षक होता है। ये लोग फिल्म या मीडिया इंडस्ट्री में काफी नाम कमाते हैं। इनकी सबसे बड़ी खूबी ये होती है कि ये किसी भी सिचु

श्री गणेश की जी काल्पनिक कुंडली

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श्री गणेश की जी  काल्पनिक कुंडली से जानें उनके व्यक्तित्व को  सर्वप्रथम पूजनीय व हर कार्य में प्रथम माने जाने वाले भगवान गणेश का जन्म भाद्रपद की शुक्ल चतुर्थी को मेष लग्न में हुआ। यह कुंडली कल्पना से बनाई गई है, जो गणेशजी के व्यक्तित्व पर आधारित है। लग्न को सिर माना गया है। लग्न में केतु है, शनि की चतुर्थ भाव से लग्न पर नीच की दृष्टि आ रही है। यानी शनि की कुदृष्टि पड़ने से उनका सिर धड़ से अलग हुआ। केतु पृथकता का कारक भी है। पौराणिक कथा के अनुसार माता का आदेश था कि किसी को भी स्नान करते वक्त नहीं आने दिया जाए। कर्क राशि, माता भाव में विराजमान है वहीं शनि भी है। शनि की दशम दृष्टि लग्न पर है  अत: शनि की कुदृष्टि के कारण सिर धड़ से अलग हुआ। यह उन्हीं के पिता भगवान शिव ने किया। ऐसा कुंडली के अनुसार देखें तो मंगल की दृष्टि लग्न व केतु पर पड़ रही है। शनि, मंगल का दृष्टि संबंध भी बन रहा है। चतुर्थ यानी माता व दशम यानी पिता भाव में स्थित ग्रहों के कारण यह संयोग बना। श्री गणेश माता-पिता के भक्त हैं। इसकी वजह सूर्य पर गुरु की कृपादृष्टि होना मान सकते हैं। उनका सिर हाथी क

श्री गणेश महोत्सव

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श्री गणेश चतुर्थी एवं श्रीगणेश महोत्सव  22 अगस्त से 1 सितंबर 2020 विशेष 〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰🌼〰〰 सभी सनातन धर्मावलंबी प्रति वर्ष गणपति की स्थापना तो करते है लेकिन हममे से बहुत ही कम लोग जानते है कि आखिर हम गणपति क्यों बिठाते हैं ? आइये जानते है। हमारे धर्म ग्रंथों के अनुसार, महर्षि वेद व्यास ने महाभारत की रचना की है। लेकिन लिखना उनके वश का नहीं था। अतः उन्होंने श्री गणेश जी की आराधना की और गणपति जी से महाभारत लिखने की प्रार्थना की। गणपती जी ने सहमति दी और दिन-रात लेखन कार्य प्रारम्भ हुआ और इस कारण गणेश जी को थकान तो होनी ही थी, लेकिन उन्हें पानी पीना भी वर्जित था। अतः गणपती जी के शरीर का तापमान बढ़े नहीं, इसलिए वेदव्यास ने उनके शरीर पर मिट्टी का लेप किया और भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को गणेश जी की पूजा की। मिट्टी का लेप सूखने पर गणेश जी के शरीर में अकड़न आ गई, इसी कारण गणेश जी का एक नाम पर्थिव गणेश भी पड़ा। महाभारत का लेखन कार्य 10 दिनों तक चला। अनंत चतुर्दशी को लेखन कार्य संपन्न हुआ। वेदव्यास ने देखा कि, गणपती का शारीरिक तापमान फिर भी बहुत बढ़ा

हथेली में प्लस का निशान ?

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हथेली में यहां पर हो प्लस का निशान तो हो जाएं वारे न्यारे  हस्तेरखा विज्ञान में कई ऐसे शुभ चिन्हों के बारे में बताया गया है। ऐसे ही शुभ चिन्हों में से एक है प्लस यानी जोड़ का निशान। जोड़ का निशान हथेली में तर्जनी उंगली के नीचे यानी गुरु पर्वत पर हो तो बहुत ही शुभ फलदायी होता है। हस्तरेखा विज्ञान के जानकारों का कहना है कि, हथेली में गुरु पर्वत उभरा हुआ हो और किसी ओर झुका हुआ नहीं हो तो व्यक्ति महत्वाकांक्षी और ज्ञानी होता है। माय ज्योतिष के अनुभवी ज्योतिषाचार्यों द्वारा पाएं जीवन से जुड़ी विभिन्न परेशानियों का सटीक निवारण इस पर जोड़ का निशान भी नजर आए तो इसे सोने पर सुहागा समझना चाहिए। जिनकी हथेली में गुरु पर्वत उभरा और जोड़ के निशान साथ होता है तो व्यक्ति धनवान होता है। ऐसा व्यक्ति भौतिक सुख-सुविधा से पूर्ण जीवन का आनंद लेता है। यह जो भी काम करते हैं उनमें भाग्य का भरपूर सहयोग मिलता है। इनके बच्चे योग्य और माता-पिता की सेवा करने वाले होते हैं। आप अपने जीवन में कुछ करना चाहते हैं तो हमसे संपर्क करें और दोनों हाथ की फोटो दिखा करके आप जीवन में अनेकों लाभ

नौकरी व्यापार

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नौकरी, व्यापार में स्थाई सफलता चाहते हैं तो आज ही आजमाएं ये आसान टोटका   ↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭ हर व्यक्ति का एक ही सपना होता है कि उसे जीवन स्थाई सफलता मिल जाएं और सफल होने के लिए वह तरह तरह के प्रयास भी करते रहता है, वैसे भी जीवन में कौन सफल नहीं होना चाहता है ?  कोई छोटा बिजनेसमैन हो, सरकारी नौकरी करता हो या फिर प्राइवेट फर्म में काम करता हो, हर कोई अपने जीवन में तरक्की चाहता है ।  अगर आप भी जीवव में स्थाई सफलता पाना चाहते हैं तो आज ही इन टोटकों को आजमा कर देखीये ये सरल व छोटे से टोटके आपके करियर को संवारने में भरपूर  मदद करेंगे कड़ी मेहनत के साथ-साथ ये उपाय आपके अंदर सकारात्मक ऊर्जा भरकर आपकी मदद जरूर करेंगे । इन उपायों को करने से पहले आपको अपने भीतर से डर और असुरक्षा नाम के दो बड़े शत्रुओं पर विजय पाना होगा तब ही यो टोटके भी आपकी कोई मदद कर पाएंगे, क्योकिं ये दोनों ही लोगों की उत्पादकता और खुशी दोनों पर ताला लगा देते हैं । अगर आप में सकारात्मक ऊर्जा का अभाव है तो स्वयं ईश्वर भी आपकी मदद नहीं कर पाएंगे । - सुबह उठते ही अपनी दोनों हथेलियों

श्री कृष्ण जन्माष्टमी

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↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭↭ भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मध्य रात्रि मे श्री कृष्ण भगवान का जन्म हुआ था इसलिए भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को श्री कृष्ण जन्मास्टमी  के नाम से जाना जाता है।  इस बार श्री कृष्ण जन्माष्टमी एग्यारह अगस्त मंगलवार को है।  एग्यारह अगस्त मंगलवार को प्रातःकाल सवा छः बजे तक सप्तमी तिथि है उसके बाद अष्टमी तिथि है दूसरे दिन बारह अगस्त बुधवार को प्रातःकाल आठ बजकर एक मिनट तक, चुंकि अष्टमी तिथि मध्य रात्रि मे एग्यारह अगस्त मंगलवार को है इसलिए मंगलवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत किया जायेगा और रात्रि में जन्मोत्सव मनाया जायेगा।  इस बार भगवान श्री कृष्ण के जन्म के समय रोहिणी नक्षत्र नहीं होगा,चुंकि नक्षत्र की अपेक्षा तिथि का ही अधिक महत्व है इसलिए एग्यारह अगस्त मंगलवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी व्रत होगा और उसी रात में भगवान का जन्मोत्सव मनाया जायेगा श्री कृष्ण जन्माष्टमी व्रत दो दिन मनाया जाता है।  पहला दिन:- जिस दिन भगवान श्री कृष्ण जी का जन्म होता है और दूसरा दिन:- रात्रि में भगवान श्री कृष्ण जी के जन्म के बाद दूसरे द

Love Astrology

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Love relationship is most important issue that talk in astrology world. Love is influence between two persons. It makes a life magical. All people wish to have a sweet-sounding relationship.   ↜↝↜↝↜↝↜↝↜↝↜↝↜↝↜↝↜↜↝↜↝↜↜↝↜↜↝↜↝↜↝↝↜↝↜↝↜↝↜↝↜↝↜↝↜↝ Without love life has no meaning. Love is path to connect two people and change your life. Many people believe that all answers of their love questions are founded in the stars of horoscope. Various people have different problems in their life such as break-up, get back your love, find a perfect person etc. the solutions of these problems you can find from the astrology.                                                                Astrology is a supernatural power that can have ability to tell you about your past, present and future. A perfect matrimonial relation depends on the love compatibility of two persons. Astrology helps you to count your love compatibility through love compatibility calculator. If you are fall in love in a p