गज केसरी योग

        गज केसरी योग
     . जिस कुंडली में होगा.
     .विशेष होगा वो इंसान.
       . यह निश्चित है .
 परंतु इस योग को बेहतर होगा समझ लेना चंद्रमा से गुरु जब एकसाथ हो, चतुर्थ, सप्तम या दशम भाव में हो तभी इसका सृजन होता है मित्रो ।

अब कुंडली के जिस भाव में यह योग बन जाता है उसी के अनुसार फल मिल जाता है ।

उच्च का गुरु या चन्द्र उत्तम फल देगा ।
कर्क राशि में उत्तम फल होगा ।
लग्न ,पंचम और नवम शुभ फल होगा ।
केंद्र भावों में उत्तम फल ।
बाकि भावों में और शत्रु राशियों में तथा नीच या वक्री किसी एक के हो जाने से फल कम हो जाता है।
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पँ अभिषेक कुमार
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