Monday, September 24, 2018

कालसर्प दोष

कुंडली में कालसर्प दोष और इसके निदान के सरल उपाय
कुंडली में कालसर्प दोष और इसके निदान के सरल उपाय
अक्सर व्यक्ति कालसर्प दोष का नाम सुनते ही घबरा जाता है। कुंडली में कालसर्प दोष का पाया जाना कोई बहुत बड़ी घटना नहीं मानी जाती है। देखा जाता है कि 70 प्रतिशत लोगों की कुंडली में यह दोष होता है। आपको जानकार हैरानी होगी कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री जी की कुंडली में भी यह दोष था और तो और क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर की कुंडली भी कालसर्प दोष से प्रभावित थी लेकिन फिर भी दोनों व्यक्ति अपने-अपने क्षेत्रों में नाम और मान-सम्मान प्राप्त करने में सफल रहे।

कालसर्प दोष कुंडली में खराब जरूर माना जाता है किन्तु विधिवत तरह से यदि इसका उपाय किया जाए तो यही कालसर्प दोष सिद्ध योग भी बन सकता है। आइये तो जानते हैं कि क्या होता है यह कालसर्प दोष और किस प्रकार से यह व्यक्ति को प्रभावित करता है-





कालसर्प दोष क्या है व कुंडली में कैसे बनता है कालसर्प दोष?


जब किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु  और केतू ग्रहों के बीच अन्य सभी ग्रह आ जाते हैं तो कालसर्प दोष का निर्माण होता है। क्योकि कुंडली के एक घर में राहु  और दूसरे घर में केतु के बैठे होने से अन्य सभी ग्रहों से आ रहे फल रूक जाते हैं। इन दोनों ग्रहों के बीच में सभी ग्रह फँस जाते हैं और यह जातक के लिए एक समस्या बन जाती है। इस दोष के कारण फिर काम में बाधा, नौकरी में रूकावट, शादी में देरी और धन संबंधित परेशानियाँ, उत्पन्न होने लगती हैं।



Saturday, September 22, 2018

कुंडली में कालसर्प दोष और इसके निदान के सरल उपाय
कुंडली में कालसर्प दोष और इसके निदान के सरल उपाय
अक्सर व्यक्ति कालसर्प दोष का नाम सुनते ही घबरा जाता है। कुंडली में कालसर्प दोष का पाया जाना कोई बहुत बड़ी घटना नहीं मानी जाती है। देखा जाता है कि 70 प्रतिशत लोगों की कुंडली में यह दोष होता है। आपको जानकार हैरानी होगी कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री जी की कुंडली में भी यह दोष था और तो और क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर की कुंडली भी कालसर्प दोष से प्रभावित थी लेकिन फिर भी दोनों व्यक्ति अपने-अपने क्षेत्रों में नाम और मान-सम्मान प्राप्त करने में सफल रहे।

कालसर्प दोष कुंडली में खराब जरूर माना जाता है किन्तु विधिवत तरह से यदि इसका उपाय किया जाए तो यही कालसर्प दोष सिद्ध योग भी बन सकता है। आइये तो जानते हैं कि क्या होता है यह कालसर्प दोष और किस प्रकार से यह व्यक्ति को प्रभावित करता है-





कालसर्प दोष क्या है व कुंडली में कैसे बनता है कालसर्प दोष?


जब किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु  और केतू ग्रहों के बीच अन्य सभी ग्रह आ जाते हैं तो कालसर्प दोष का निर्माण होता है। क्योकि कुंडली के एक घर में राहु  और दूसरे घर में केतु के बैठे होने से अन्य सभी ग्रहों से आ रहे फल रूक जाते हैं। इन दोनों ग्रहों के बीच में सभी ग्रह फँस जाते हैं और यह जातक के लिए एक समस्या बन जाती है। इस दोष के कारण फिर काम में बाधा, नौकरी में रूकावट, शादी में देरी और धन संबंधित परेशानियाँ, उत्पन्न होने लगती हैं।



कालसर्प दोष के प्रकार

प्राचीन ज्योतिष ग्रंथों में 12 प्रकार के कालसर्प योगों का वर्णन किया गया है-
1-अनन्त  2-कुलिक  3-वासुकि  4-शंखपाल  5-पद्म  6-महापद्म  7-तक्षक  8-कर्कोटिक 9-शंखचूड़  10-घातक  11- विषाक्तर  12-शेषनाग।



अनंत कालसर्प योग
अगर राहु  लग्न में बैठा है और केतु सप्तम में और बाकी ग्रह इन दोनों ग्रहों के बीच में तो कुंडली में अनंत कालसर्प दोष का निर्माण हो जाता है। अनंत कालसर्प योग के कारण जातक को जीवन भर मानसिक शांति नहीं मिलती। इस प्रकार के जातक का वैवाहिक जीवन भी परेशानियों से भरा रहता है।



कुलिक कालसर्प योग
अगर राहु कुंडली के दुसरे घर में, केतु अष्ठम में विराजमान है और बाकी ग्रह इन दोनों ग्रहों के बीच में है तब कुलिक कालसर्प योग का निर्माण होता है। इस योग के कारण व्यक्ति के जीवन में धन और स्वास्थ्य संबंधित परेशानियाँ उत्पन्न होती रहती हैं।



वासुकि कालसर्प योग
जन्मकुंडली के तीसरे भाव में राहु और नवम भाव में केतु विराजमान हो तथा बाकि ग्रह बीच में तो वासुकि कालसर्प योग का निर्माण होता है। इस प्रकार की कुंडली में बल और पराक्रम को लेकर समस्या उत्पन्न होती हैं।



शंखपाल कालसर्प योग
अगर राहु  चौथे घर में और केतु दसवें घर में हो साथ ही साथ बाकी ग्रह इनके बीच में हों तो शंखपाल कालसर्प योग का निर्माण होता है। ऐसे व्यक्ति के पास प्रॉपर्टी, धन और मान-सम्मान संबंधित परेशानियाँ बनी रहती हैं।



पद्म कालसर्प योग
जब जन्मकुंडली के पांचवें भाव में राहु, ग्याहरहवें भाव में केतु और बीच में अन्य ग्रह हों तो पद्म कालसर्प योग का निर्माण होता है। ऐसे इंसान को शादी और धन संबंधित दिक्कतें परेशान करती हैं।



महा पद्म कालसर्प योग
अगर राहु किसी के छठे घर में और केतु बारहवें घर में विराजमान हो तथा बाकी ग्रह मध्य में तो तब महा पद्म कालसर्प योग का जन्म होता है। इस प्रकार के जातक के पास विदेश यात्रा और धन संबंधित सुख नहीं प्राप्त हो पाता है।



तक्षक कालसर्प योग
जब जन्मकुंडली के सातवें भाव में राहु और केतु लग्न में हो तो इनसे तक्षक कालसर्प योग बनता है। यह योग शादी में विलंब व वैवाहिक सुख में बाधा उत्पन्न करता है।



कर्कोटक कालसर्प योग
अगर राहु आठवें घर में और केतु दुसरे घर आ जाता है और बाकी ग्रह इनके बीच में हों तो कर्कोटक कालसर्प योग कुंडली में बन जाता है। ऐसी कुंडली वाले इंसान का धन स्थिर नहीं रहता है और गलत कार्यों में धन खर्च होता है।



शंखनाद कालसर्प योग
जब जन्मकुंडली के नवम भाव में राहु और तीसरे भाव में केतु हो और सारे ग्रह इनके मध्य हों तो इनसे बनने वाले योग को शंखनाद कालसर्प योग कहते है। यह दोष भाग्य में रूकावट, पराक्रम में रूकावट और बल को कम कर देता है।



पातक कालसर्प योग
इस स्थिति के लिए राहु दसंम में हो, केतु चौथे घर में और बाकी ग्रह इन दोनों ग्रहों के बीच में तब पातक कालसर्प योग का निर्माण होता है। ऐसा राहु  काम में बाधा व सुख में भी कमी करने वाला बन जाता है।



विषाक्तर कालसर्प योग
जब जन्मकुंडली के ग्याहरहवें भाव में राहु और पांचवें भाव में केतु हो और सारे ग्रह इनके मध्य मे अटके हों तो इनसे बनने वाले योग को विषाक्तर कालसर्प योग कहते है। इस प्रकार की कुंडली में शादी, विद्या और वैवाहिक जीवन में परेशानियां बन जाती हैं।



शेषनाग कालसर्प योग
अगर राहु बारहवें घर में, केतु छठे में और बाकी ग्रह इनके बीच में हो तो शेषनाग कालसर्प योग का निर्माण होता है। ऐसा राहु  स्वास्थ्य संबंधित दिक्कतें, और कोर्ट कचहरी जैसी समस्याएं उत्पन्न करता है।



कालसर्प योग दूर करने के उपाय
शिवलिंग पर प्रतिदिन जल चढ़ाएं।

शिव भगवान का रुद्राभिषेक।

नागपंचमी का व्रत करें।

मोर का पंख सदा अपने निवास स्थान पर रखें।

कुल देवता की उपासना करें।

प्रतिदिन महा मृत्युंजय मन्त्र का जाप करें।

हनुमान चालीसा का प्रतिदिन 108 बार जप करें।

मंगलवार एवं शनिवार को रामचरितमानस के सुंदरकाण्ड का पाठ श्रध्दापूर्वक करें।

Thursday, September 20, 2018

🌺 Narayan Jyotish Paramarsh 🌺
Let us.know,
What is,
" Kaal Sarp Yoga"

               ****
It is Observed that people born in Kaal Sarp Yoga are often found some extra ordinary type. Some part of their life Called the heaven. And some part, may be critical. It is the reason That smooth life is often rare for this type of natives. If know that you are born in Kaal Sarp Yoga, It is all right. But if you don't know, then contact me. I will tell you. But simple way to know it, is that all the stars in your horoscope are in the seven houses and between Rahu and Ketu.Or say 5 houses out of 12 aere continously empty.There is no star in 5 continous houses anywhere in your horoscope.

For more details
Contact
Mobile and whatsapp:-
+918788381356

🌺 narayan jyotish paramarsh 🌺
------------------
🌺🌺🌸🌸🌺🌺
We make horoscope also, Comoputerised,
as well as manual.
Book an appointment now for direct online consultation by Pandit ji, online consultation is provided only on appointment.


 🌺🌺🌸🌸🌺🌺
 🌺🌺🌸🌸🌺🌺

Tuesday, September 18, 2018

जय श्री नारायण आज हम बात करेंगे विभिन्न प्रकार के दोषों को दूर करने के लिए उपायों के विषय में

१) रोग निवारण हेतु

1)कृष्ण पक्ष में चमकीला काला कपडा,उड़द तथा  एक रुपये का सिक्का दान करे|           

२)पारिवारिक  कलह  हो तो - सभी  दरवाजों  पर गंगाजल  छिडके  ध्यान रखे  की छीटे  स्वयं पर  ना पड़े |

३) स्मरण शक्ति  बढाने  हेतु -गुरूवार  के दिन इमली  के पत्ते पुस्तकों में  रखे  |.

४) शीघ्र विवाह हेतु -शुक्ल पक्ष के प्रथम मंगलवार से पाँच रुपये  की जलेबी २१  मंगलवार को  हनुमान मंदिर में  हनुमान जी  के सम्मुख  रख कर जाए. (पुरुष)  |

५) बच्चो  के स्वस्थ  हेतु -

१) गोमती चक्र का पेंडल बच्चे के गले में पहनाये .|

२) प्रत्येक  मंगलवार  कच्चा  दूध  ७  बार  उतारा कर  कुत्ते  को  पिला दे  |.

६) बिस्तर पर  पेशाब -

१) ऊट के बाल बच्चे की दाहिनी  जांघ पर धागा बनाकर बांधे |

२)  शमशान  की मिट्टी चान्दी  के ताबीज में बच्चे के हाथ से  पीपल के नीचे  दबवा दे |

७) धन लाभ  हेतु -

१) एक शीशी में शहद  भरकर ११ दाने  सफ़ेद  गूंजा डाल  कर श्री सूक्त  के ११  पाठ पढ़े,खीली  हुई खील तथा कमलगट्टे  से 16 आहुति हवन करे शीशी  को  व्यापर  स्थल  रख दे  तथा  श्रीसूक्त  का पाठ  नित्य करे.|

२) शुक्रवार  के दिन इत्र  चौराहे  के मध्य में छोड़  कर आये |

३) इमली  की टहनी  गल्ले में  रखे |.

४) जलकुम्भी  गुरूवार को लाकर  पीले  कपडे में  बांधकर  घर के  ईशान कोण में लटका दे  सप्ताह  बाद  बदलते  रहे  ऐसा ७  गुरूवार  करे |.

८) संतान  प्राप्ति हेतु -

पूर्वा फाल्गुनी  नक्षत्र में बरगद के पेड़ की  जड़  धागे  से भुजा  पर  पहने  |.

 ९) सुख समृधि हेतु -

पुष्य  नक्षत्र में सफ़ेद  आक  की जड़  दाई  भुजा  में  बांधे |

 १०) अचल  सम्पति हेतु -

-पुरे वर्ष हर शुक्रवार को  भूखे व्यक्ति को भोजन  व हर रविवार को  गाय  को  गुड  खिलाये |.

 ११) योग्यतानुसार  काम ना  मिलने पर सोमवार को फिटकरी  तवे पर फुलाकर  7 बार सिर  से उतारा  कर गंदे  पानी में  बहाए |.

२) एक बेदाग़ नींबू चार बराबर टुकडो में कर चौराहे  की चारो  दिशा में  फ़ेंक आये तथा  पीछे  मुड कर ना देखे |

१२) अनिच्छा हेतु

 -1) भैरव बाबा को रविवार  के दिन शराब, दही बड़े, इमरती चढ़ाये खाली बोतल  वापस लेकर  ७  बार  उतारा कर  पीपल के पेड़ के  नीचे  रख आये |

२)गुरूवार  के दिन केले  की जड़  पीले  कपडे में बांधकर  १  माला ॐ  ग्राम ग्रीम  ग्रो सा  गुरुवे  नमः की  जपे |

३) दो  लोंग एक कपूर का टुकड़ा ३ बार गायत्री  मंत्र पढ़ अभी मंत्रित करे फिर जला दे (पुरबमुखी होकर) गायेत्री  मंत्र करते  रहे फिर  भस्म  दिन में दो बार जीभ पर लगाये | .

१३) धनप्राप्ति हेतु -

श्यामा तुलसी के आसपास  की घास  किसी  गुरूवार  के दिन लेकर  पीले  कपडे में बांध कर  लक्ष्मी का ध्यान  कर धूप दीप  कर तिजोरी  अथवा  व्यापार  स्थल में  रखे  |

१४) विरोधी  की शांति के लिये-रविवार,मंगलवार सोकर  उठते  ही 3 बार  विरोधी  को.कोसे फिर सफ़ेद  काग़ज़ पर  काली  श्याही  से विरोधी  का नाम  लिखकर  उस काग़ज़ को काले धागे  में लपेटकर  रखले  फिर  शाम को उस काग़ज़ को  पीपल की जड़  के नीचे  दबा  दे |.

१५)नज़र दोष

-१) फिटकरी को २१  बार  उतारा  कर चूल्हे  में  जलादे  (तीन  बार  सुबह दोपहर शाम)

१६) व्यवसाय  वृद्धि हेतु -१) रविवार  दोपहर  को  ५ कागज़ी  नींबू काटकर  एक मुठ्ठी काली  मिर्च,१ मुठ्ठी  पीली सरसों  व्यवसाय  स्थल पर  रख दे  अगले  दिन दूकान खोलते समय  सभी  वस्तुए वीराने में दबा दे  |

२) गल्ले के नीचे काली गूंजा रखे |

३) शुक्ल पक्ष से ११  गुरूवार  व्यापार स्थल  के मुख्य  द्वार के एक कोने को  गंगाजल  से धो ले   उसमे  स्वस्तिक बनाकर  उसमे  गुड  चने  की दाल रखे  इसे  बार  बार  देखे (खराब होने पर  जलप्रवाह  करे )11  गुरूवार  के बाद गणेश जी को  सिंदूर लगाकर  पाँच लड्डू अर्पित कर कहे  "जय गणेश काटो  कलेश ."|

१७) सुख शांति हेतु

-१) अशोक के पत्ते  मंदिर में  रख पूजा करे सूखने पर नए  पत्ते  रखे  पुराने  पत्ते  पीपल के नीचे  रख आये.|

२) रात को दूध सिरहाने  रख सुबह घर पर छिडकाव  करे |

१८) व्यापार में घाटा होने पर  बर बुधवार को ११  कौड़ीया,एक जोड़ा लौंग,छोटी इलायची,व्यापार स्थल की मिट्टी लेकर  कौड़िया  जलाकर  राख पान के पत्ते पर  रखकर  ताम्बे  का छेद  किया  हुआ सिक्का रखकर  जल प्रवाह करे उस दिन  उपवास  रखे  तथा   9 वर्ष से  छोटी कन्याओ को भोजन  कराये |.

======{ जय श्री नारायण आप सभी से निवेदन है कि यदि हमारे द्वारा दी जा रही जानकरी आपके लिये लाभकारी है , और यदि कोई कमी है तो सुधार के लिये आप सभी हमारे फेसबुक पेज या ब्लॉग मे जाकर लिखें }

Abhishekpandey1144.blogspot.com

आप सभी के सुझाव आमंत्रित है, यदि हमसे निःशुल्क ज्योतिषीय सलाह चाहतें है तो पेज को लाईक करे

=====================//============

किसी भी सहायता के लिए संपर्क करे  निःशुल्क
🔱**श्वेतार्क गणपति 🔱🔱हरदोई गणपति 🔱🔱**स्फटिक माला **🔱🔱*शुलेमानी हकीक🔱 *नवरत्न सभी   सर्टिफाइड***🔱🔱**लक्ष्मी कारक कौडी🔱,*🔯हकीकपत्थर *🔱🔯🔱 🔯🔱***हकीक माला***🔱 पारद माला ***🔱** असली पारद शिवलिंग 🔱***पारद श्री यंत्र *🔱*पारद अगुठी🔱 *🔱***पैन्डल🔱 ,पारद  की मूर्तिया**🔱🔱**🔱   उपलब्ध हैं संपर्क करें  🔱🔱🔱
====================================
    🔯🔯🔯पंडित अभिषेक शास्त्री🔯🔯🔯
                                          🔯🔯 🔯🔯
       🔱 ज्योतिष एवं वैदिक अनुष्ठान संस्थान 🔱
           🔱 🔱 🔱वाराणसी🔱🔱🔱🔱
मोबाइल नंबर  और
ह्वाट्सएप नंबर +918788381356
============हमारी ब्लॉग  बेवसाइट मे जायें
🔯🔯Abhishekpandey1144.blogspot.com 🔯🔯
🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱