Friday, August 30, 2019

जानें गणेश चतुर्थी तिथि


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जानें गणेश चतुर्थी तिथि, डेट, टाइम, कथा और महत्व
भगवान गणेश को ज्ञान, बुद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। भगवान गणेश को गजानन, गजदंत, गजमुख जैसे नामों से भी जाना जाता है। हर साल गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी का पर्व हर साल हिन्दू पंचाग के भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को  मनाया जाता है। इस बार गणेश चतुथी 2 सितंबर को शुरू हो रही है। दो सितंबर को ही लोग भगवान गणेश की मूर्ति स्थापति कर अगले 10 दिन तक गणेश उत्सव मनाएंगे।

गणेश चतुर्थी कथा - पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक बार माता पार्वती स्नान करने से पहले चंदन का उपटन लगा रही थीं। इस उबटन से उन्होंने भगवान गणेश को तैयार किया और घर के दरवाजे के बाहर सुरक्षा के लिए बैठा दिया। इसके बाद मां पार्वती स्नान करने लगे। तभी भगवान शिव घर पहुंचे तो भगवान गणेश ने उन्हें घर में जाने से रोक दिया। इससे भगवान शिव क्रोधित हो गए और गणेश सिर धड़ से अलग कर दिया। मां पार्वती को जब इस बात का पता चला तो वह बहुत दुखी हुईं। इसके बाद भगवान शिव ने उन्हें वचन दिया कि वह गणेश को जीवित कर देंगे। भगवान शिव ने अपने गणों से कहा कि गणेश का सिर ढूंढ़ कर लाएं। गणों को किसी भी बालक का सिर नहीं मिला तो वे एक हाथी के बच्चे का सिर लेकर आए और गणेश भगवान को लगा दिया। इस प्रकार माना गया कि हाथी के सिर के साथ भगवान गणेश का दोबारा जन्म हुआ। मान्यताओं के अनुसार यह घटना चतुर्थी के दिन ही हुई थी। इसलिए इस दिन को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है।

गणेशोत्सव से जुड़ी मान्यताएं-इस दिन लोग मिट्टी से बनी भगवान गणेश की मूर्तियां अपने घरों में स्थापित करते हैं। गणेश चतुर्थी का उत्सव मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा से शुरू होती है। इस पूजा के 16 चरण होते हैं जिसे शोदशोपचार पूजा के नाम से जाना जाता है। इस पूजा के दौरान भगवान गणेश के पसंदीदा लड्डू का भोग लगाया जाता है। इसमें मोदक, श्रीखंड, नारियल चावल, और मोतीचूर के लड्डू शामिल हैं। इन 10 दिनों के पूजा उत्सव में लोग रोज सुबह शाम भगवान गणेश की आरती नियमित रूप से करते हैं। व्यवस्था के अनुसार आयोजक भजन संध्या का भी आयोजन करते हैं।

गणेश चतुर्थी डेट, टाइम और शुभ मुहूर्त-
गणेश चतुर्थी तिथि : 2 सितंबर 2019
गणेश विसर्जन डेट : 12 सितंबर 2019
मध्यान्ह गणेश पूजा : दोपहर 11:05 से 01:36 तक
चंद्रमा न देखने का समय : सुबह 8:55 बजे से शाम 9:05 बजे तक रहेगा।
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Wednesday, August 14, 2019

रक्षा बंधन के त्यौहार को बनाए खास


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रक्षा बंधन के त्यौहार को बनाए खास, जानें कौन से रंग की राखी आपके भाई के लिए रहेगी शुभ ...

भाई बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षा बंधन त्यौहर इस बार स्वतंत्रता दिवस यानी कि 15 अगस्त के दिन पड़ रहा है। इस दिन बहनें अपने भाईयों की लंबी उम्र के लिए उन्हें रक्षा सूत्र बांधती है। राखी कौन से कलर की लेनी है,

कैसी राखी लें वैसे तो ये बहनों की चॉइस पर निर्भर करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अपने भाई के जीवन में तरक्की के लिए आप उन्हें उनकी राशि अनुसार राखी बांध सकती हैं।

क्योंकि हर एक राशि का एक स्वामी ग्रह होता है। और हर ग्रह का एक पसंदीदा रंग भी होता है। बस उसी को देखते हुए आप अपने भाई के लिए राखी का रंग चुन सकती हैं…

मेष राशि: जिस बहन के भाई की राशि मेष है उन्हें अपनी भाई को लाव रंग की राखी बांधनी चाहिए। क्योंकि इन राशि वालों का स्वामी ग्रह मंगल है। इससे आपके भाई के शरीर में ऊर्जा बनी रहेगी।

वृषभ राशि: वृषभ राशि के जातकों को नीले रंग की राखी बांधना सबसे शुभ रहेगा। क्योंकि आपकी राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है।

मिथुन राशि: मिथुन राशि का स्वामी ग्रह बुध है इसलिए अगर आपका भाई इस राशि का है तो आपको उनकी कलाई पर हरे रंग की राखी बांधनी चाहिए।

कर्क राशि: कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा हैं इसलिए इस राशि वाले भाई की कलाई पर पीले या सफेद रंग की राखी बांधे।

सिंह राशि: सिंह राशि के स्‍वामी सूर्य देव हैं इसलिए इन भाइयों की कलाई पर सबसे शुभ राखी सुनहरी, पीली या फिर गुलाबी रंग की रहेगी।

कन्या राशि: बुध देवता आपकी राशी के स्वामी हैं इसलिए इन्‍हें सफेद रंग या फिर हरे रंग की राखी बांधनी चाहिए।

तुला राशि: इन राशि के लोगों के स्‍वामी शुक्र हैं। इनकी आपकी कलाई पर सफेद, क्रीम या हल्‍के नीले रंग की राखी बांधना शुभ रहेगा।

वृश्चिक राशि: इन राशि वालों के स्वामी मंगल देव हैं इसलिए अपने भाई की कलाई पर लाल या गुलाबी रंग की राखी बांधें।

धनु राशि: धनु राशि के स्वामी ग्रह बृहस्पति देव हैं इसलिए इन भाइयों की कलाई पर चंदन की राखी सबसे शुभ रहेगी।

मकर राशि: मकर राशि के स्‍वामी ग्रह शनि हैं। और शनि का प्रिय रंग नीला है। इसलिए इन राशिवाले भाई को गहरे नीले रंग की राखी बांधे।

कुंभ राशि: कुंभ राशि के स्‍वामी ग्रह शनि हैं इसलिए अगर आपका भाई इस राशि का है तो उसे गहरे रंग या रुद्राक्ष से निर्मित राखी बांधे।

मीन राशि: मीन राशि के देव बृहस्पति हैं इसलिए इस राशि वाले भाई को सुनहरे पीले रंग की राखी बांधनी चाहिए।

और भी बहुत कुछ है हमारे ज्योतिष शास्त्र में आपके लिए आप भी इस वर्ष रक्षाबंधन में कुछ करना चाहते हैं कुछ पाना चाहते हैं तो संपर्क करें

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