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31 जनवरी 2019 का राशिफल और उपाय...

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आज के शुभ और कल्याणकारी उपाय, राशि अनुसार... मेष राशि के लिए आज का कल्याणकारी उपाय- 'जपें ॐ चं चन्द्रमसे नम:।' आज का भविष्य :  वाणी पर नियंत्रण रखें। किसी व्यक्ति विशेष से कहासुनी हो सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। बनते काम बि‍गड़ सकते हैं। चोट व दुर्घटना से बचें। नकारात्मकता बढ़ेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। घर में तनाव रहेगा। पार्टनरों से मतभेद व कहासुनी हो सकती है। वृषभ राशि के लिए आज का कल्याणकारी उपाय- 'जपें ॐ शुं शुक्राय नम:।' आज का भविष्य :  कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। नौकरी में प्रभाव वृद्धि होगी। सभी कार्य समय पर होंगे। निवेश शुभ रहेगा। आय में वृद्धि होगी। स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। मिथुन राशि के लिए आज का कल्याणकारी उपाय- 'जपें ॐ बुं बुधाय नम:।' आज का भविष्य  : प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। थकान व कमजोरी रहेगी। स्थायी संपत्ति में वृद्धि होगी। कोई बड़ा सौदा हो सकता है। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहें...

धन-नाश योग:

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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल ग्रह को कर्ज का कारक ग्रह माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार मंगलवार को कर्ज लेना निषेध माना गया है। वहीं  बुधवार को कर्ज देना अशुभ है क्योंकि बुधवार को दिया गया कर्ज कभी नही मिलता। मंगलवार को कर्ज लेने वाला जीवनभर कर्ज नहीं चुका पाता तथा उस व्यक्ति की संतान भी इस वजह परेशानियां उठाती हैं।जन्म कुंडली के छठे भाव से रोग, ऋण, शत्रु, ननिहाल पक्ष, दुर्घटना का अध्ययन किया जाता है| ऋणग्रस्तता के लिए इस भाव के आलावा दूसरा भाव जो धन का है, दशम-भाव जो कर्म व रोजगार का है, एकादश भाव जो आय का है एवं द्वादश भाव जो व्यय भाव है, का भी अध्ययन किया जाता है| इसके आलावा ऋण के लिए कुंडली में मौजूद कुछ योग जैसे सर्प दोष व वास्तु दोष भी इसके कारण बनते हैं| इस भाव के कारक ग्रह शनि व मंगल हैं| दूसरे भाव का स्वामी बुध यदि गुरु के साथ अष्टम भाव में हो तो यह योग बनता है| जातक पिता के कमाए धन से आधा जीवन काटता है या फिर ऋण लेकर अपना जीवन यापन करता है| सूर्य लग्न में शनि के साथ हो तो जातक मुकदमों में उलझा रहता है और कर्ज लेकर जीवनयापन व मुकदमेबाजी करता रहता है| 12 वें भाव...

पत्नी का स्वभाव

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कुंडली से जाने पत्नी का स्वभाव ! हर लड़का चाहता है की उसकी जीवन संगिनी बहुत सुंदर हो और स्वभाव में अच्छी हो लेकिन बहुत बार प्रयास करने के बाद भी आपको ऐसी पत्नी नहीं मिलती । व्यक्ति की कुंडली के ग्रहो के अनुसार ही तय होता है की आपको सुंदर और गुणवान जीवन संगिनी मिलेगी या नहीं । हमारी जन्म कुंडली में सातवाँ घर और शुक्र दोनों से पत्नी के बारे में जाना जा सकता है । यदि सप्तम भाव में मंगल, शनि, बुध या सूर्य की दृष्टि हो तो ऐसे लोगों को बहुत बुद्धिमान और गुणवान पत्नी मिलती है ।यदि किसी व्यक्ति की कुंडली के सप्तम भाव में वृषभ राशि है या तुला राशि है तो यह इस बात का संकेत है की उस व्यक्ति की जीवन संगिनी बहुत खूबसूरत होगी और अगर कुंडली के सातवे घर में मिथुन राशि या कन्या राशि है तो उस व्यक्ति की जीवन संगिनी बहुत सुशील, सत्य और मीठा बोलने वाली, और बहुत आकर्षक होगी । सातवे घर में कर्क राशि है तो उस व्यक्ति की पत्नी बहुत लम्बी, तीखे नेन नक्श वाली और भावुक होगी ।लड़के की कुंडली में चंद्र उच्च हो, या शुभ हो तो ऐसे व्यक्ति को संस्कारी और सुन्दर पत्नी मिलती है और उनका वैवाहिक जीवन बहुत अच्छा ...

21 जनवरी राशिफल

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जानिए कैसा रहेगा आज  आपका दिन।   मेष रा शिफल - आज के  दिन आपका किसी से झगड़ा न होजाये  इसका ध्यान रखने की सलाह है।  मित्रो व स्वजनों के साथ आपका वैचारिक  स्तर पर मनमुटाव  सकता है।  स्व्भाव में उग्रता और क्रोध की मात्रा विशेष रहेगी ,पुराने रोग परेशान करसकते हैं। वृषभ राशिफल :-   आज के दिन आपको कार्य करने  दृढ मनोबल तथा आत्मविश्वास का पूरा सहकार मिलेगा।  इस कार्य का फल भी आपको अपेक्छा अनुसार मिलेगा। मातृ पक्ष की ओर से लाभदायिक समाचार प्राप्त होगा।  अभ्यास में विद्यार्थियों को रूचि रहेगी। मिथुन राशिफल :  - आज शारीरिक और मानसिक से आप अस्वस्थ रह सकते है , .मन में दुख और असंतोष की भावना रहेगी। पारिवारिक सदस्यों के साथ ग़लतफ़हमी न हो इसका आप अधिक ध्यान रखिए।  आँख संबधित एवं मस्तिक पीड़ा होने की संभावना है. कर्क राशिफल : - आज के दिन आपके अंदर आत्मविश्वास की मात्रा अद्दिक ही रहेगी। किसी भी कार्य को करने के लिए निर्णय त्वरित ले सकेंगे। पिता और बड़े भाई से आर्थिक लाभ होसकती है।  सामाजिक रूप से मान-सम्मान में बृद्धि होगी।...

21 जनवरी चंदग्रहण

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ज्योतषियो की माने तो 21  जनवरी को लगने वाले चंद्रग्रहण के भी काफी प्रभाव दिखाई देंगे।  राजनीती से लेकर वस्तुओ की कीमत और मौसम पर चंद्रग्रहण का प्रभाव दिखाई देगा.  साल 2019  का पहला महीना सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण दोंनो का गवाह बनेगा।  6 जनवरी को सूर्यग्रहण  लगा था और अब 21 जनवरी को चंद्रग्रहण लगने जारहा है।  यानि इस दिन चन्द्रमा का रंग काफी लाल दिखाई देगा। कहा जाता है की यदि चन्द्रमा लाल रंग का दिखाई दे तो छत्रिय और राजाओ के लिए कश्टकारी होता है।  ज्योतषियो की मने तो 21 जनवरी को लगने वाले चंद्रग्रहण के भी काफी प्रभाव दिखाई देंगे।  राजनीती से लेकर वस्तुओ की कीमत और मौसम पर चंद्रग्रहण का प्रभाव दिखाई देगा।  ज्योतिष्यो के मुताबिक इस घटना के बाद असमय वर्सा और बर्फ़बारी हो सकती है।  जिससे कई देशो में** भयंकर ठण्ड** पड़ेगी।  ज्योतषियो की मने तो दक्षिण भारत की राजनीती पर भी यह ग्रहण असर डाल सकता है।  कर्नाटक में मुश्किल में चलरहि कांग्रेस -जेडीएस  की सरकार ग्रहण के बाद और मुशिकल में आसक्ति है।  हलाकि **चंद्रग्रह...

क्या आपका जन्म 1970 से 1980 के बीच हुआ है ?

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*जिनका जन्म 1970 से 1980 के बीच हुआ है , वो इस खबर को जरूर पढ़े * आज हम आपको उन लोगो के बारे में बताने जा रहे हैं , जिनका जन्म 1970 से 1980  के बिच हुआ है। आइए जानते हैं 1970 से 1980  बीच जन्मे लोगों के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी - ज्योत्षविदो की मने तो उनका कहना है की इन लोगो को जल्द ही शुभ समाचार मिलने वाला है।   जल्द ही  इनके जीवन में खुशियाँ दस्तक देने वाली है।  इन पर भगवान भोलेनाथ मेहरबान रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसा योग बनने जा रहा है  जिससे की जिन लोगो का जन्म 1970 से 1980 के बीच हुवा है , उनको  वाले   समय में कई बड़ी उपलब्धिया  मिल सकती है। इनके जीवन में निरंतर खुशियाँ बनी रहेगी।  महादेव इन पर सदा मेहरबान रहेंगे।      इन लोगो के जीवन से धन - संबद्ध सभी प्रकार की परेशानियां दूर होंगी।  इनका जीवन सदैव खुशहाल व्यतीत होगा। समाज में इनके  मान-सम्मान बृद्धि होगी। इन्हे अपनी प्रतिभा दिखाने को मिलेगा।  ऐसे लोग अपनी मेहनत के दम पर समाज मे खुब तरक्की  हासिल करेंगे।  ...

हमारे सप्तर्षि

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सप्तर्षियों की संक्छिप्त  वर्णन्न  ऋग्वेद में लगभग एक हजार  सूक्त हैं ,याने लगभग दस हजार मन्त्र हैं। चारों वेदों में करीब बीस हजार से ज्यादा मंत्र हैं और इन मन्त्रों के रचयिता कवियों को हम ऋषि कहते हैं। बाकी तीन वेदों के मन्त्रों की तरह ऋग्वेद के मन्त्रों की रचना में भी अनेकानेक ऋषियों का योगदान रहा है। पर इनमें भी सात ऋषि ऐसे हैं जिनके कुलों में मन्त्र रचयिता ऋषियों की एक लम्बी परम्परा रही। ये कुल परंपरा ऋग्वेद के सूक्त दस मंडलों में संग्रहित हैं और इनमें दो से सात यानी छह मंडल ऐसे हैं जिन्हें हम परम्परा से वंशमंडल कहते हैं क्योंकि इनमें छह ऋषिकुलों के ऋषियों के मन्त्र इकट्ठा कर दिए गए हैं। आकाश में सात तारों का एक मंडल नजर आता है उन्हें सप्तर्षियों का मंडल कहा जाता है। उक्त मंडल के तारों के नाम भारत के महान सात संतों के नाम पर ही रखे गए हैं। वेदों में उक्त मंडल की स्थिति, गति, दूरी और विस्तार की विस्तृत चर्चा मिलती है। प्रत्येक मनवंतर में अगल-अगल सप्त‍ऋषि हुए हैं। यहां प्रस्तुत है वैवस्वत मनु के काल के सप्तऋषियों का परिचय। सप्तऋषि के पहले ऋषि जिनके पास ...