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धन लाभ विचार

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                            || ॐ || धनेश (व्दितीय भाव का अधिपति) यदि धन स्थान (व्दितीय भाव) में हो अथवा केंद्र (१, ४, ७, १०) भाव में हो तो जातक को “श्रम से सफलता” (शारीरिक / मानसिक श्रम) मिलती हैं तथा धन लाभ होता हैं | धन भाव में शुभ ग्रह धनप्रद (धन प्रदान करने वाले) तथा धन भाव में पाप ग्रह धन नाशक (धन हनी करने वाले) होते हैं | यदि धन स्थान पर शुभ ग्रह की दृष्टी या योग हो तब भी जातक को धन लाभ होता रहता हैं | धनवान योग :- धनेश यदि लाभ भाव (एकादश भाव) या लाभेश धन स्थान में हो अथवा धनेश तथा लाभेश (एकादश भाव अधिपति) दोनों ही केंद्र अथवा त्रिकोण (१, ४, ५, ७, ९, १०) में स्थित हो तो मनुष्य धनवान होता हैं | व्यय योग :- यदि धनेश त्रिक भाव (६, ८, १२) में स्थित हो तो जातक को आवक से ज्यादा खर्च की चिंता सताती हैं | || ॐ तत् सत् || जय श्री नारायण   पँ अभिषेक कुमार      9472998128

सूर्य ग्रहण

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                        जय श्री नारायण मित्रो नमस्कार 21,22/8/2017 को सूर्य ग्रहण है। और मेरे जिन मित्रो की जन्म कुंडली में सूर्य ग्रहण मतलब जिन की कुंडली में सूर्य और राहू एक साथ एक ही घर में बैठे हों या जिनकी कुंडली में राहू की दृष्टी सूर्य देव पर जाती हो उन मित्रो के लिए उपाय करने का सही समय है। मित्रो 21,22/8/2017 तारीख को 23:51 मिनट पर सूर्य ग्रहण का उपाय करने का सही समय है तो कृपया आप उपाय करके अपने बुरे समय को ठीक करें। करना इये है राहू का सामान जैसे नारियल साबुत बादाम आदि ग्रहण के मध्य काल जोकि कल 23:51 मिनट पर है सिर से 7 बार उसार कर तेज बहते पानी में जल प्रबाह कर दें। अब में आपको सूर्य ग्रहण बाले जातकों को होने बाली परेसानियां बताता हूँ। इस पोस्ट से में आज आप लोगों से कुछ कुंडलियों में पाये जाने बाले बुरे योगों में से एक सूर्य ग्रहण नामक बुरे योग के बारे में बताऊंगा । जब किसी की जन्म कुंडली में सूर्य देव के साथ राहु एक ही घर में बैठ जाएँ या राहू की दृष्टि सूर्य देव के ऊपर पड़ रही हो तो सूर्य ग्रहण नाम का बुरा य...

*💥आज का राशिफल💥*

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                        *💥सुप्रभातम्💥* *दिनांक 18 अगस्त 2017, शुक्रवार, विक्रमी संवत 2074, शक संवत 1939, वर्षा ऋतु, दक्षिणायण अयन, भाद्रपद मास,  एकादशी तिथि(10:01 तक। 10:02 से द्वादशी तिथि चालू), कृष्ण पक्ष,आद्रा नक्षत्र, वज्र योग।*         *👹राहुकाल👹* *💥10:47 से 12:24💥* *❌राहुकाल में सभी कार्य वर्जित हैं।❌*         *💥 नोट💥* *👉राशिफल पड़ने के बाद आगे शेयर करें। आप जैसे किसी मित्र का मार्गदर्शन होगा।*      *🌞सुर्योदय-06:19🌞*      *🌝सूर्यास्त-19:05🌝* *💥हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है।राम रामेति रामेति।रमे रामें मनोरमे॥ सहस्त्र नाम त तुल्यं। राम नाम वरानने।।आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्त्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है।* *💥आज एकादशी और गुरुवार को बाल नही कटवाने चाहिये।* *💥एकादशी के दिन चावल और साबूदाना खाना वर्जित है।एकादशी को शिम्बी (सेम) नही...

18 अगस्त 2017 का राहु

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*** आप सभी का आभार और मेरी तरफ से  शुभकामनाऐ *** -----आज बात करते है कल के बदलने वाले गोचर की जिसकी हफ्तो पहले से ढेर सारी भविष्यवाणिया सबने अपने आधार पर करी है। 18 अगस्त यानी काल दो अहम ग्रह जिनसे लोग भय खाते है उनका स्थान परिवर्तन यानी गोचर बदल रहा है ** राहू का कर्क मे** और केतू का मकर मे ** ऐ दोनो वक्री यानी उल्टी दिशा मे घूम कर सभी पर प्रभाव डालते है हर राशी मे इनका गोचर करना अलग अलग प्रभाव देता है सभी को सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव देते रहते है । **---सभी गोचरो मे मैने गुरू , शनी ,मगंल  और राहू अधिक प्रभाव मे पाऐ है इनके फल अधिक प्रभाव मे रहते है  । लेकिन आखिर राहू का गोचर ही इतना नकारात्मक कैसे लोग समझ कर चलते है कारण है राहू के फल जोकी सकारात्मक भी होगा तो भी बुद्धी को लालच मे ही डालता है । अब चूकी ऐ कर्क मे प्रवेश कर रहा है जोकी जल तत्व राशि है जिसका स्वामी चद्रदेव है जो स्वयः मनुष्य के मन के स्वामी के साथ साथ शारीर के अदंर शीतलता और खुशमिजाज और मजाकिया स्वाभाव को प्रसारित करते है । अब यंहा राहू का आना थोडी सी भी और अधिक भी प्रभावी रह सकता है और रहेगा भी क...

संतान प्राप्ति कैसे हो।।।

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 *🌷कुंडली*से जाने :संतान प्राप्ति का समय :निःसंतान योग :संतान बाधा दूर करने के सरल उपाय:🌷* 💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥 *ज्योतिषीय विश्लेषण के लिए हमारे शास्त्रों मे कई  सूत्र दिए हैं। कुछ प्रमुख सूत्र इस प्रकार से  हैं।* *ज्योतिषीय नियम हैं जो घटना के समय बताने  में सहायक होते हैं .* *संतान प्राप्ति  का समय :* *लग्न और लग्नेश को देखा  जाता  है।* *घटना का संबंध किस भाव से है।* *भाव का स्वामी कौन  है ।* *भाव का कारक ग्रह कौन है।* *भाव में कौन कौन से ग्रह हैं।* *भाव पर किस  ग्रह की दृष्टि।* *कौन से ग्रह महादशा ,अंतर्दशा, प्रत्यंतर्दशा, सूक्ष्म एवं प्राण दशा चल रही है।भाव को प्रभावित करने वाले ग्रहों की गोचर स्थिति भी देखना चाहिये।*  *इन सभी का अध्ययन करने   से किसी भी घटना का समय जाना जा सकता है।* *संतान प्राप्ति के समय को जानने के लिए पंचम भाव, पंचमेश अर्थात पंचम भाव का स्वामी, पंचम कारक गुरु, पंचमेश, पंचम भाव में स्थित ग्रह और पंचम भाव ,पंचमेश पर दृष्टियों पर ध्या...

*🌷केतु के गुण अवगुण🌷*

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*ज्योतिष शास्त्र के अनुसार केतु एक छाया ग्रह है जो स्वभाव से पाप ग्रह भी है। केतु के बुरे प्रभाव से व्यक्ति को जीवन में कई बड़े संकटों का सामना करना पड़ता है। हालांकि यही केतु जब शुभ होता है तो व्यक्ति को ऊंचाईयों पर भी ले जाता है। केतु यदि अनुकूल हो जाए तो व्यक्ति आध्यात्म के क्षेत्र में ख्याति प्राप्त करता है। आमतौर पर माना जाता है कि हमारी जन्मकुंडली हमारे पिछले जन्म के कर्मों तथा इस जन्म के भाग्य को बताती है। फिर भी ज्योतिषीय विश्लेषण कर हम अशुभ ग्रहों से होने वाले प्रभाव तथा उनके कारणों को जानकर उनका सहज ही निवारण कर सकते हैं।* *राहू एवं केतु छाया ग्रह माने गए है जिनका स्वयं का कोई अस्तित्व नहीं होता है। इन्हें इनके कार्य करने की वास्तविक शक्ति कुंडली में अन्य ग्रहों के सम्मिलित प्रभाव से मिलती है। ज्योतिष में माना जाता है कि किसी जानवर को परेशान करने पर, किसी धार्मिक स्थल को तोड़ने अथवा किसी रिश्तेदार को सताने, उनका हक छीनने की सजा देना ही केतु का कार्य है। झूठी गवाही व किसी से धोखा करना भी केतु के बुरे प्रभाव को आमंत्रित करता है।* *जब भी व्यक्ति पर केतु का अशुभ प्रभाव शुर...

*🌷हथेली और ज्योतिष🌷*

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              *🌷जय श्री नारायण🌷*                          पँ अभिषेक कुमार 💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥 *1.हथेली में अगर मछली का चिन्ह हो और कुंडली में पाप प्रभाव रहित शनि, जन्म लग्न से  12 वे भाव में हो तो व्यक्ति बहुत भाग्यवान, बुद्धिमान और नेकदिल होता है ।* *2.हथेली में अगर मछली का चिन्ह हो और राहु कुंडली में 3 व् 6 भाव में हो तो व्यक्ति घर का चिराग होता है ।* *3.हथेली में शेर का चिन्ह हो और पाप प्रभाव रहित सूर्य कुंडली के दूसरे भाव में हो तो व्यक्ति बहादुर, निडर और निर्दयी होता है ।* *4.हथेली में सांप का चिन्ह हो और शनि कुंडली के 12 वे भाव में हो तो व्यक्ति रखवाला होता है - जैसे ख़ज़ाने का सांप ।* *5.हथेली में कौवे का चिन्ह हो और शनि लग्न में और राहु-केतु कहीं भी नीच-राशि में हो तो व्यक्ति धोखेबाज़ होता है ।* *6.हथेली में गाय - बैल का चिन्ह हो और शुक्र कुंडली के 12 वे भाव में पाप प्रभाव रहित और शुभ हो तो व्यक्ति खेती कार...