18 अगस्त 2017 का राहु

*** आप सभी का आभार और मेरी तरफ से  शुभकामनाऐ ***

-----आज बात करते है कल के बदलने वाले गोचर की जिसकी हफ्तो पहले से ढेर सारी भविष्यवाणिया सबने अपने आधार पर करी है। 18 अगस्त यानी काल दो अहम ग्रह जिनसे लोग भय खाते है उनका स्थान परिवर्तन यानी गोचर बदल रहा है ** राहू का कर्क मे** और केतू का मकर मे ** ऐ दोनो वक्री यानी उल्टी दिशा मे घूम कर सभी पर प्रभाव डालते है हर राशी मे इनका गोचर करना अलग अलग प्रभाव देता है सभी को सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव देते रहते है ।

**---सभी गोचरो मे मैने गुरू , शनी ,मगंल  और राहू अधिक प्रभाव मे पाऐ है इनके फल अधिक प्रभाव मे रहते है  । लेकिन आखिर राहू का गोचर ही इतना नकारात्मक कैसे लोग समझ कर चलते है कारण है राहू के फल जोकी सकारात्मक भी होगा तो भी बुद्धी को लालच मे ही डालता है । अब चूकी ऐ कर्क मे प्रवेश कर रहा है जोकी जल तत्व राशि है जिसका स्वामी चद्रदेव है जो स्वयः मनुष्य के मन के स्वामी के साथ साथ शारीर के अदंर शीतलता और खुशमिजाज और मजाकिया स्वाभाव को प्रसारित करते है । अब यंहा राहू का आना थोडी सी भी और अधिक भी प्रभावी रह सकता है और रहेगा भी कारण की इसका असर अपनी शत्रु राशी पर अधिक प्रभावी होगा और राहू को पूरा मौका है चद्रमा को दूषित करने का । कुडंली मे सबसे पहले चद्र ही पिडित होता है यानी मनुष्य के साथ छोटी सी भी बात होने पर मन पिडित होता है ऐ स्थिर न होने की वजह से दुखः भागी अधिक लगता है । ऐ बात भी सच है की चद्रमा माता कारक है और कोई भी माता को पिडित जल्दि नही करता लेकिन राहू कूटनीती मे माहिर होता है । वो स्वप्न व भ्रामिक स्थति को बनाकर मनुष्य के कर्मो को अवरूद्ध करता है ताकी अप्रत्यक्ष रूप से चद्र पिडित हो यानी मन डर भय द्धवैष से ग्रषित रहे और गलत चीजो मे मनुष्य ध्यान जाऐ । मेरा अपना एक अनुभव रहा है मैने राहू बुध मगंल के शुभ से ज्यादा अशुभ फल देखे है इन तीनो सभांलना बडी टेडी खीर है इनमे केतू भी आते है पर ऐ सभंल जाते है । इन तीनो का गुण दो दो तरह के हो जाते है मगंल -सुर्य और अपने फलो को मिक्स या एक दूसरे की तरह प्रदर्शित करता है । वंही बुध कभी शुक्र के फलो मे भी और राहू के फलो मे अपने दोहरे स्भाव को प्रदर्शित करता है ठीक राहू तो राहू है वो समझने ही नही देता की बुध का फल है या चद्रमा का पिडित कोन है ऐ समझना काफी मसक्कत का काम है -तभी हम कहते है ज्योतिष हलवा पूरी नही है खुसबू से भी दूर से वही लगे और नजदीक से भी । ग्रह यदि उच्च का बैठा हो तो लोग समझते है शुभ फलदायी है ऐ तो देखे की किसके नक्षत्र मे है और उसके स्वामी का हाल क्या है ।

हम बात राहू की कर रहे थे सबसे पहले कि कुडंली मे बैठे ग्रह दशा अतंर दशा वर्षफल और खासतर गोचर मे अधिक से अधिक प्रभावी होते है चाहे कितना शुभ हो या पापगत । लग्न के हिसाब से राहू अलग अलग भाव मे जाऐगा और चद्रराशी से तो है ही अपनी जगह । पर राहू की हमेशा ऐ खास बात ध्यान मे रखे की राहू पाप या सट्टे या जैसे भी इस गोचर मे जिसको अधिक लक्ष्मी प्राप्त हो वो अधिख खुश भी न हो क्यूकी राहू अपने दिए फल जाते जाते वापस ले जाकर दयनीय अवस्था दे जाता है कारण की लोग धर्म की ओर जाए ।

अब बात की किसको क्या लाभ हानी होगी इस गोचर से ---सबसे पहले ऐ बात जाने की राहू दशा जिसकी शुरू होने वाली है या हो चुकी है या अतंर दशा मे चलेगा और चद्र , मगंल ,गुरू ,सुर्य ,शुक्र के साथ युति करेगा उनको खासा असर इस गोचर मे देखने को मिलेगा । क्यूकी राहू अपनी पूरी ताकत के साथ शत्रु राशी पर हावी होगा और उसके फलो प्रभावहीन रखेगा । लेकिन जिनकी कुडंली मे शनी और केतू का गोचर शुभ फल दायी है उसको हानी इतनी नही होगी ।

*--किन चीजो पर असर होगा --1-शाररिक परेशानी यानी जिसमे वायरल फिवर हाईब्लडप्रेशर अधिक गुस्सा आना ,हार्ट परेशानी और डिपरेशन ,सरदर्द जो तबतक ठीक रहेगे जबतक दवाई चलेगी फिर वही । अकारण ऑपरेशन के कारण बनना गुर्दे की पथ्थरी कुल मिलाकर पेट सबंधी रोग अधिक ।
2---- पारवारिक कलेश -यानी आर्थिक स्थति मे चालबाजी धोखे से पैदा हुआ कलेश खासतर भाई भाई या मित्र मामा चाचाओ के बीच । पत्नी व पति मे झूठे शक व किसी अन्य का बीच मे आने से आपसी मतभेद जो अकारण पैदा होगे खासतर जिनकी कुडंली मे मगंल शुक्र के साथ अब राहू आऐगे या जनम से बैठे है वो खासा इस पिरियड मे परे शानी उठाऐगे ।
जिनकी राहू की दशा चल रही है या शुक्र गुरू के अतंर मे राहू देव की दशा आने वाली है आ गयी है या राहू मे ऐ दोनो या मगंल आऐगे उनकी यदि शादी की बात चल रही है या चल के शुरू हो ग्ई तो सावधानी रखे खासतर वो जिनके सप्तम व अष्टम मे राहू अकेले या गुरू के साथ हो उनके साथ धोखा हो सकता है या होगा जो अब नये नये लव रिलेशन को शादी मे बदलना चाह रहे है वो पहले पूरी जानकारी पता करे फिर कदम उठाऐ शादी का क्यूकी ऐ राहू यदि शादी कराऐगा तो न वो चलेगी न समाज इजाजत देगा ।
इस गोचर से माता पिता खासा अधिक परेशान रहेगे अपनी पारवारिक स्थति व बच्चो के बदलते ब्यवहार और काम धंधे से ।

**3--- ऐ अहम कारण है काम धंधा व नौकरी ब्यापार -राहू के कारकत्व मै पहली पोस्ट मे बता चुका हूं --जीवन यापन के लिए काम जरूरी है 2017 लगभग 75% से ऊपर के जातको का खराब शुरू हुआ है कुछ का मार्च 2016 से खराब समय चला है चल भी रहा । इस गोचर मे आधे से अधिक तो काम मे बदलाव करेगे चाहे छः महीने बाद सही लेकिन जिनका बुध अच्छा होगा और राहू से तालमेल की अच्छी स्थति अच्छी होगी (ऐ सिर्फ जातक की कुडंली अवलोकन से जाना जा सकता है ) उनका ऐ समय सितंबर से अच्छे से अच्छा शुरू होगा पर केतू शनी के उपाय जरूरी होगे । लेकिन अधिकतर लोग अपने काम को बदलेगे ज्यादातर लोग पार्टनरशिप मे नया काम शुरू करेगे जो कि शुरूआत अच्छी तो देगा लेकिन मानसिक शांती नही ऊपर से मनमुटाव की स्थति पैदा करके फिर अलग अलग करेगा खासतर उनके लिए जिनकी जन्मकुडंली मे शनी व सुर्य की स्थति खराब हो । नौकरी के लिए सुर्य और विजनिष के लिऐ बुध का मजबूत होना जरूरी है और दोनो के लिए बुध और शनी ।

**इस समयावस्था मे क्या करे**- आखं मूदकर किसी पर भी भरोषा न करे फिर चाहे घनिष्ट मित्र ही क्यू न हो क्यूकी धोखा वही अधिक पनपता है

**-2---यदि आप नयी चीजो की शुरूआत करने की सोच रहे है तो हो सके तो कुछ समय टाले अभी नौकरी पेशा बिजनिष करने मे इनवेस्ट करने की या लोन लेकर नया काम करने की सोच रहे है तो सावधान रहे । नौकरी वाले नौकरी न छोडे खासतर दूसरे के बहकावे मे आकर तो बिलकुल नही लालच से बचे ।

**-3---यदि आप शादि का सोच रहे है तो अभी समय अनुकूल नही है थोडा रूककर सोचविचार करके लडके लडकी दोनो के परिवार की पूरी जानकारी व समझ कर शादी का फैसला ले और योग्य ज्योतिषी की सहायता से कुडंली का अवलोकन कराऐ । मै पहले कह चुका हू भ्रम और धोखा यानी छलावा राहु का मुख्य कार्य है ।

***क्या करे इस समय मे *--- 1--खुद पर भरोषा रखे सयंम ही आपकी ताकत है जितना हो सके गुस्से व बहस से दूर रहे ।

2---प्रातःकाल सुर्य दर्शन करे मंदिर जाए और ताजेफूल फल शिव व हनुमान जी चढाऐ ।
**3-- अपने माता पिता की सेवा करे रोज काम से लौटते समय उनके लिए कुछ खाने को लेते आऐ और उनके पैर छूकर थोडी देर उनके साथ बैठकर बाते करे ताकी आपका दिमाग शातं रहे । पत्नी व पति आपसी विवाद से बचे ।।

4**--जिनका बुध या जिनके बच्चो का स्वभाव हठी व जिद्दी या अक्रामक हो रा है या पढाई मे मन नही लग रहा है तो --रात को चांदी के गिलास मे पानी मंदिर मे रखकर सुबह उनको पीने दे ।

यदि स्वयः मे बडो मे ऐ परेशानी आ रही है दिमाग परेशान है तो --12-14 पत्ते तुलषी के सुबह तोड के ले और एक चम्मच सौफं और एक चम्मच मिश्री लेकर तीनो को एक साथ कूट ले और एक स्टील के लोटे मे पानी मे एक घण्टे के लिए भैगो दे और बाद फैटं के छान कर आधा आधा गिलास सुबह श्याम पिऐ । इससे बुध और बुद्धी दोनो के साथ और हेल्थ से सभी चीजो मे सुधार होगा ।

**नोट ---जरूरी नही की सबको बुरे फल मिले इस गोचर से किसी को न तो डराया गया है न बाध्य है आप । और सभी की कुडली से सही फलादेश किया जा सकता है राहू के गोचर का भी व अन्य भी । बाकी ऐ गोचर और ग्रहो की डीटेल के साथ आगे दिया जाऐगा ।

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