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मांगलिक कार्य में बाधा

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विवाह योग पर भी विवाह नहीं हो रहा ========================= ---------------------------- विवाह हिन्दुओं के सोलह संस्कारों में से एक महत्वपूर्ण संस्कार है और यह लगभग सभी धर्म सम्प्रदायों में विभिन्न रूपों में मान्यताप्राप्त है |इस संस्कार द्वारा देव अनुमति से संतानोत्पत्ति की अनुमति प्रदान की जाती है और इसके बाद दो लोग एक साथ जीवन के सुख दुःख बांटने को साथ आते हैं |विवाह हर युवक युवती का सपना होता है जो विवाह का अर्थ समझ आने के बाद से ही उनके मष्तिष्क में काल्पनिक रूप से घूमता रहता है |भारत जैसे हिन्दू संस्कार के देश में युवक युवती तो कम चिंतित होते हैं विवाह को लेकर लेकिन माता पिता की चिंता उनके युवा होते ही विभन्न रूपों में उनके दिमाग में आने लगती है |युवती को लेकर अधिक ,तो युवा को लेकर कुछ कम माता पिता चिंतित होते हैं |पहले के समय में अधिकतर वैवाहिक निर्णय परिवार के बुजुर्ग और बड़े लिया करते थे अतः कुछ कम चिंताएं थी किन्तु आज युवा अधिक स्वतंत्र हो खुद के निर्णय को अधिक प्राथमिकता दे रहे अतः समस्या बढ़ी है |उच्च शिक्षा ,वैवाहिक आयु में तुलनात्मक वृद्धि ,स्वावलंबन की सोच भी विवाह ...

:::::::राहू दोष निवारक कवच :::::::

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                  ================================= राहू -केतु का नाम सुनते ही हर व्यक्ति को भय महसूस होता है |ऐसा इनके द्वारा उत्पन्न प्रभावों के कारण होता है |इससे अधिक आधुनिक ज्योतिषियों द्वारा इनके नाम पर भयादोहन भी है और इन्हें ही हर प्रकार की समस्या का कारण मानना भी है ,जबकि यह मात्र छाया ग्रह हैं और इनका ग्रहीय रूप से स्वतंत्र अस्तित्व नहीं हैं |इनके दुष्प्रभावों का कारण इनका अँधेरे का प्रतिनिधित्व करना है जबकि उस क्षेत्र में सूर्य अथवा चन्द्रमा का प्रकाश समाप्त हो जाता है और नाकारात्म शक्तियाँ प्रबल हो जाती हैं जिससे व्यक्ति के कष्ट बढ़ जाते हैं | इस दुनिया में हर व्यक्ति राहू से परिचित है और इसके दुष्प्रभावों अथवा कुप्रभावों से अत्यधिक परेशान है |राहू की दशा ,अन्तर्दशा तो कष्ट देती ही है ,इसके द्वारा बनने वाले योग जीवन भर कष्ट प्रदान करते हैं ,जैसे गुरु चांडाल योग ,कालसर्प योग आदि | राहू अकेले कष्ट देता ही है ,शुभ ग्रहों के प्रभावों में तो कमी करता ही है यह यदि पाप या अशुभ ग्रहों के साथ हुआ तो उनका कष्ट प्रद प्रभाव कई गुना बढ़ा द...

तुलसी का पौधा पवित्र और पूजनीय माना गया है। जाने कैसे??

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शास्त्रों के अनुसार तुलसी का पौधा पवित्र और पूजनीय माना गया है। जिन लोगों के घर में तुलसी का पौधा होता है उन्हें कई प्रकार के चमत्कारी फायदें प्राप्त होते हैं। यहां दी गई तस्वीरों से जानिए घर में तुलसी होने के चमत्कारी फायदें- तुलसी को संजीवनी बूटी भी कहा जाता है। इसका उपयोग कई प्रकार की औषधियों में किया जाता है। तुलसी के पत्ते भोजन को शुद्ध और पवित्र करते हैं। इसीलिए सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण के समय भोजन में तुलसी के पत्ते डालें जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार इंसान की मृत्यु के बाद शव के मुख में तुलसी के पत्ते डाले जाते हैं। इस संबंध में ऐसा माना जाता है कि इससे मृत व्यक्ति को मोक्ष प्राप्त होता है। तुलसी घर-आंगन में होने से वातावरण शुद्ध और पवित्र बना रहता है। इस पौधे से कई प्रकार के वास्तु दोष भी समाप्त हो जाते हैं। जिस घर में तुलसी का पौधा होता है वहां सभी देवी-देवताओं की कृपा बरसती है। घर-परिवार के सदस्यों की नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा होती है। तुलसी के पौधे में प्रतिदिन पानी देने और उसकी कांट-छांट करने, उसका ध्यान रखने से त्वचा संबंधी कई बीमारियां में लाभ ह...

क्या है शिवलिंग

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:::::::::::  क्या है शिवलिंग :::::::::::: ======================  समस्त संसार में शिवलिंग पाए जाते हैं  ,विभिन्न धर्मों तक में इनकी किसी न किसी रूप में प्रतीकाकृति मिलती हैं |हिन्दू धर्म में यह परम पवित्र शिव के प्रतीक माने जाते हैं और इनकी पूजा की जाती है |यह शिवलिंग है क्या ,कभी इस पर सामान्यतया विचार सामान्य लोग नहीं करते जा इसके बारे में बहुत नहीं जानते |इसलिए जो जैसी परिभाषा इसकी गढ़ कर सुना देता है सामान्य रूप से मान लिया जाता है और कल्पना कर ली जाती है |कुछ  महाबुद्धिमान  प्राणियों   ने   परम   पवित्र   शिवलिंग   को जननांग   समझ   कर   पता   नही   क्या - क्या   और   कपोल कल्पित   अवधारणाएं   फैला   रखी   हैं परन्तु ... वास्तव में . शिवलिंग .  वातावरण   सहित   घूमती   धरती   तथा    सारे अनन्त   ब्रह्माण्ड   (  क्योंकि ,  ब्रह्माण्ड   गतिमान   है   )  का प्रतिनिधित्...