आप को किस क्षेत्र मे मिलेगी सफलता -
Call & whatsapp no+918788381356 https://www.narayanjyotishparamarsh.com/?m=. जन्मांग चक्र का दशम भाव कर्म भाव कहा जाता है। इसके स्वामी को दशमेश या कर्मेश कहा गया है। दशम भाव से व्यक्ति की आजीविका का विचार किया जाता है। अर्थात् व्यक्ति सरकारी नौकरी करेगा अथवा प्राइवेट, या व्यापार करेगा तो कौन सा, उसे किस क्षेत्र में अधिक सफलता मिलेगी। आज अधिकांश लोग अपनी आजीविका से संतुष्ट नहीं हैं, उनका कार्य क्षेत्र या कर्म का प्रकार उनके मन के अनुकूल नहीं है। अब प्रश्न उठता है कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मनोनुकूल कार्य कौन सा हो सकता है, उसका निर्धारण कैसे हो? मन का स्वामी चंद्र जिस राशि में हो उस राशि से स्वामी ग्रह की प्रकृति के आधार पर या चंद्र से उसके युति अथवा दृष्टि संबंध के आधार पर यदि कोई व्यक्ति अपनी आजीविका (व्यापार नौकरी) का चयन करता है अथवा कार्यरत है तो वह कैरियर उसके मन पसंद का होगा। जन्मकुंडली में कोई ग्रह जब लग्नेश, पंचमेश या नवमेश होकर दशम भाव में स्थित हो, या दशमेश होकर किसी भी त्रिकोण (1, 5, 9 भावों) में, या अपने ही स्थान में स्थित हो तो व्यक्ति की आजीविका के पर...