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श्री राम रक्षा स्तोत्र

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🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 मित्रो आज हम आपको श्री राम रक्षा स्तोत्र भावार्थ सहित बतायेगें!!!!!! इस राम रक्षा स्तोत्र मंत्र के रचयिता बुध कौशिक ऋषि हैं, सीता और रामचंद्र देवता हैं, अनुष्टुप छंद हैं, सीता शक्ति हैं, हनुमान जी कीलक है तथा श्री रामचंद्र जी की प्रसन्नता के लिए राम रक्षा स्तोत्र के जप में विनियोग किया जाता हैं। ॥ अथ ध्यानम्‌ ॥ ध्यायेदाजानुबाहुं धृतशरधनुषं बद्दद्पद्‌मासनस्थं । पीतं वासोवसानं नवकमलदलस्पर्धिनेत्रं प्रसन्नम्‌ ॥ वामाङ्‌कारूढसीता मुखकमलमिलल्लोचनं नीरदाभं । नानालङ्‌कारदीप्तं दधतमुरुजटामण्डनं रामचंद्रम्‌ ॥ ध्यान धरिए — जो धनुष-बाण धारण किए हुए हैं,बद्द पद्मासन की मुद्रा में विराजमान हैं और पीतांबर पहने हुए हैं, जिनके आलोकित नेत्र नए कमल दल के समान स्पर्धा करते हैं, जो बाएँ ओर स्थित सीताजी के मुख कमल से मिले हुए हैं- उन आजानु बाहु, मेघश्याम,विभिन्न अलंकारों से विभूषित तथा जटाधारी श्रीराम का ध्यान करें | ॥ इति ध्यानम्‌ ॥ चरितं रघुनाथस्य शतकोटिप्रविस्तरम्‌ । एकैकमक्षरं पुंसां महापातकनाशनम्‌ ॥१॥ श्री रघुनाथजी का ...

जानें गणेश चतुर्थी तिथि

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🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱 जानें गणेश चतुर्थी तिथि, डेट, टाइम, कथा और महत्व भगवान गणेश को ज्ञान, बुद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। भगवान गणेश को गजानन, गजदंत, गजमुख जैसे नामों से भी जाना जाता है। हर साल गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी का पर्व हर साल हिन्दू पंचाग के भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को  मनाया जाता है। इस बार गणेश चतुथी 2 सितंबर को शुरू हो रही है। दो सितंबर को ही लोग भगवान गणेश की मूर्ति स्थापति कर अगले 10 दिन तक गणेश उत्सव मनाएंगे। गणेश चतुर्थी कथा - पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक बार माता पार्वती स्नान करने से पहले चंदन का उपटन लगा रही थीं। इस उबटन से उन्होंने भगवान गणेश को तैयार किया और घर के दरवाजे के बाहर सुरक्षा के लिए बैठा दिया। इसके बाद मां पार्वती स्नान करने लगे। तभी भगवान शिव घर पहुंचे तो भगवान गणेश ने उन्हें घर में जाने से रोक दिया। इससे भगवान शिव क्रोधित हो गए और गणेश सिर धड़ से अलग कर दिया। मां पार्वती को जब इस बात...

रक्षा बंधन के त्यौहार को बनाए खास

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🌿🌱🌿🌱🌿🌱🌿🌱🌿🌱🌿🌱🌿🌱🌿🌱🌿 रक्षा बंधन के त्यौहार को बनाए खास, जानें कौन से रंग की राखी आपके भाई के लिए रहेगी शुभ ... भाई बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षा बंधन त्यौहर इस बार स्वतंत्रता दिवस यानी कि 15 अगस्त के दिन पड़ रहा है। इस दिन बहनें अपने भाईयों की लंबी उम्र के लिए उन्हें रक्षा सूत्र बांधती है। राखी कौन से कलर की लेनी है, कैसी राखी लें वैसे तो ये बहनों की चॉइस पर निर्भर करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अपने भाई के जीवन में तरक्की के लिए आप उन्हें उनकी राशि अनुसार राखी बांध सकती हैं। क्योंकि हर एक राशि का एक स्वामी ग्रह होता है। और हर ग्रह का एक पसंदीदा रंग भी होता है। बस उसी को देखते हुए आप अपने भाई के लिए राखी का रंग चुन सकती हैं… मेष राशि: जिस बहन के भाई की राशि मेष है उन्हें अपनी भाई को लाव रंग की राखी बांधनी चाहिए। क्योंकि इन राशि वालों का स्वामी ग्रह मंगल है। इससे आपके भाई के शरीर में ऊर्जा बनी रहेगी। वृषभ राशि: वृषभ राशि के जातकों को नीले रंग की राखी बांधना सबसे शुभ रहेगा। क्योंकि आपकी राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है। मिथुन राशि: मिथुन राशि का स्वामी ग्...

श्रावण में ग्रह के पूजन कर सकते हैं ?

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🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱 श्रावण में जानिए ग्रह के अनुसार किस रोग के लिए क्या उपाय पूजन कर सकते हैं। सूर्य- से संबंधित कष्ट सिरदर्द, नेत्र रोग, अस्थि रोग आदि हों तो श्रावण मास में शिवलिंग का पूजन आक वृक्ष के पुष्पों, पत्तों एवं बिल्वपत्रों से करने से इन रोगों में आराम मिलता है। चंद्रमा- से संबंधित बीमारी या कष्ट जैसे खांसी, जुकाम, नजला, मानसिक परेशानी, रक्तचाप की समस्या आदि हों तो शिवलिंग का रुद्री पाठ करते हुए काले तिल मिश्रित दूध धार से रुद्राभिषेक करने से आराम मिलता है। मंगल- से संबंधित बीमारी जैसे रक्तदोष हो तो गिलोय, जड़ी-बूटी के रस आदि से अभिषेक करने से आराम मिलता है। बुध- से संबंधित बीमारी जैसे चर्म रोग, गुर्दे का रोग आदि हों तो विदारा या जड़ी-बूटी के रस से अभिषेक करने से आराम मिलता है। बृहस्पति- से संबंधित बीमारी जैसे चर्बी, आंतों, लिवर की बीमारी आदि हों तो शिवलिंग पर हल्दी मिश्रित दूध चढ़ाने से आराम मिलता है। शुक्र- से संबंधित बीमारी, वीर्य की कमी, मल-मूत्र की बीमारी, शारीरिक या शक्ति में कमी हो तो पंचामृत, शहद और घृत से शिवलिंग का अभिषेक करने से आराम ...

पति-पत्नी का दांपत्य सुख

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जनमकुंडली के 12वे घर से पति-पत्नी का सम्भोग सुख देखा जाता l जनमकुंडली में जब भी 12वे घर में नीच ग्रह यानि राहु जो 12वे घर में नीच का माना जाता वो बैठ जाए या 12वे घर में जो ग्रह अशुभ माने जाते जैसे सूर्य, चंद्र या बुध बैठे हो या 12 वे घर में एक से ज़्यादा ग्रह बैठ जाए जो आपस में दुश्मन माने गए है जैसे शनि और चंद्र ही बैठ जाए तो ऐसे में पति-पत्नी का सम्भोग सुख अच्छा नही होगा या बेडरूम में हमेशा लड़ाई-झगड़े होते रहेंगे l http://www.narayanjyotishparamarsh.com  Appointment Whtsapp-  +91-8788381356

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🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱 आपने देखा होगा जब भी आप किसी ज्योतिष के पास जाते हैं तो वह आपकी पत्रिका देखता है और उसका मूल्यांकन  करके आपको आपके जीवन के उन सभी विषयों के बारे में बताता है जो आप जानना चाहते हैं। शायद कभी आपके मन में यह सवाल भी आया हो कि आखिर क्या है ये जन्म पत्रिका जिसे जन्म कुंडली भी कहते हैं? और कैसे इस पत्रिका को देखकर एक ज्योतिष हमारे जन्म, स्वाभाव, कद काठी, धन, परिवार, पढाई लिखे, नौकरी, प्रेम, शादी, संतान और भी कई तरह की जानकारियां बता सकता है? कैसे एक जन्म पत्रिका हमारे पूरे जीवन का खाका तय कर सकती है और कैसे ये भविष्यवाणियां सही साबित हो सकती है? इस तरह के कई सवाल हैं जो एक सामान्य मनुष्य के दिमाग में आना स्वाभाविक है अगर वह ज्योतिष विधा के बारे में ज्यादा नहीं जानता। इस आलेख के माध्यम से मेरा प्रयास है कि अगर आपके दिमाग में भी इस तरह के प्रश्न हैं तो उनका उत्तर आपको दे सकूं। आप सभी एक्स-रे फिल्म के बारे में तो ज़रूर जानते होंगे...जिसके माध्यम से हम शरीर के अंदर किसी भाग कि स्थिति को यथावत देख पाते हैं। हमारी जन्मपत्रिका भी एक तरह कि एक्स-...

घर परिवार की खुशहाली के लिए औरतें सुबह उठतकर जरूर करें ये काम

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आपको बता दें, कि हिंदू धर्म शास्त्रों में लिखा हैं कि घर में खुशहाली की चाबी महिला के हाथ में होती हैं घर की औरत जैसा चाहे अपने घर को बना सकती हैं वही वास्तुशास्त्रों के मुताबिक अगर औरत कुछ चीजों को ध्यान में रखे तो घर की सभी परेशानियों और समस्याओं से मनुष्य को छुटकारा मिल सकता हैं वही ऐसा भी कहा जाता हैं कि जिस घर का​ निर्माण वास्तु के हिसाब से नहीं होता हैं वहां के लोगो को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं इसके साथ ही वास्तुशास्त्र में कुछ ऐसी बातें भी बताई गई हैं जिनका महिलाओं के द्वारा पालन करना लाभकारी माना जाता हैं तो आज हम आपको वास्तु शास्त्रों के हिसाब से घर की महिलाओं को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। इसके बारे में बताने जा रहे हैं तो आइए जानते हैं। वास्तुशास्त्रों के मुताबिक घर की महिलाओं को सूर्योदय से पहले उठ जाना चाहिए। सुबह उठकर घर की साफ सफाई करने के बाद भगवान की आरती उतारने से घर में मौजूद आलस्य और परेशानियां मीलों दूर हो जाती हैं वही साथ ही घर के लोगो का स्वास्थ्य भी अच्छा बना रहता हैं। घर के मुखिया अगर सुबह उठकर तांबे के लोटे में पानी भरकर, मेन गेट ...