राहु-केतु दोष क्या है? जानिए इसके संकेत, प्रभाव और ज्योतिषीय उपाय
वैदिक ज्योतिष में राहु और केतु को छाया ग्रह माना जाता है। हालांकि इनका कोई भौतिक अस्तित्व नहीं है, फिर भी जन्म कुंडली में इनका प्रभाव अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है। कई बार व्यक्ति जीवन में लगातार समस्याओं का सामना करता है, लेकिन कारण समझ नहीं पाता। ऐसे मामलों में राहु-केतु की स्थिति महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। राहु-केतु दोष क्या होता है? जब राहु और केतु कुंडली के कुछ विशेष भावों में अशुभ प्रभाव उत्पन्न करते हैं या अन्य ग्रहों को प्रभावित करते हैं, तब राहु-केतु दोष बन सकता है। इसके कारण व्यक्ति के जीवन में अचानक उतार-चढ़ाव, भ्रम, मानसिक तनाव और बाधाएं बढ़ सकती हैं। Visit: astronarayan.com राहु दोष के प्रमुख संकेत बार-बार धोखा मिलना मानसिक अशांति और भय गलत संगति में पड़ना अचानक आर्थिक नुकसान नशे या बुरी आदतों की ओर आकर्षण करियर में अस्थिरता केतु दोष के प्रमुख संकेत आत्मविश्वास की कमी परिवार से दूरी निर्णय लेने में परेशानी आध्यात्मिक भ्रम कार्यों में अचानक रुकावट रिश्तों में तनाव राहु-केतु दोष का विवाह और प्रेम जीवन पर प्रभाव कई बार राहु-केतु दोष के कारण विवाह में देरी, प्रेम सं...