हस्तरेखा शास्त्र:



हथेली में कई ऐसी रेखांए होती है जो आपके पूरे जीवन का हाल बता देती हैं। जैसे आप मन से कैसे है,आपका दिमाग कितना तेज है,

आपकी आयु कितनी है और आपको जीवन में प्रेम मिलेगा की नहीं । यह सब बातें हृदय रेखा , मस्तिष्क रेखा और जीवन रेखा से जानी जा सकती है।

हथेली में कई ऐसी रेखांए होती है जो आपके पूरे जीवन का हाल बता देती हैं। जैसे आप मन से कैसे है,आपका दिमाग कितना तेज है, आपकी आयु कितनी है और आपको जीवन में प्रेम मिलेगा की नहीं ।

यह सब बातें हृदय रेखा मस्तिष्क रेखा और जीवन रेखा से जानी जा सकती है। आज के समय में हर किसी के पास ये इतना समय नहीं होता कि वो ज्‍योतिषी के पास जाकर अपने बारें में जान सकें। लेकिन आज हम आपको इन्ही सब रेखाओं के बारे में बतायेंगे।

जीवन रेखा की बात करें तो यह तर्जनी एवं अंगूठे के मध्य से होकर गुजरती है या यह कह सकते है की जीवन रेखा गुरु पर्वत के नीचे से तथा मंगल पर्वत के ऊपर से निकलती है।

जीवन रेखा शुक्र पर्वत को घेरती हुई मणिबंध के पास तक जाती है। जीवन के लिए यह रेखा बहुत ही महत्वपूर्ण रेखा है कही जाती है क्योंकि जीवन है तो सब कुछ है नहीं तो कुछ भी नहीं।

स्पष्ट गहरी, कहीं से भी कटी न हो तथा उसका रंग त्वचा के रंग से गहरे लाल रंग के समान हो वह रेखा अच्छी रेखा मानी जाती है।जीवन रेखा तभी उत्तम मानी जाती है यदि उसे अन्य रेखा न काटती हो तथा वह लम्बी हो

इसका अर्थ है कि व्यक्ति की आयु लम्बी होगी और उसका अधिकतर जीवन सुखपूर्वक बीतेगा। आप अपने हाथ खोलकर यह देख सकते है आपके जीवन रेखा स्पष्ट है

अथवा नहीं और यदि कही रुकावट या रेखा में टूट है तो समझे की जीवन के उस वर्ष में कोई परेशानी आ सकती है। छोटी और कटी हुई रेखा जीवन में संकट और संघर्ष को दर्शाती है।

यह रेखा व्यक्ति की रोमांटिक लाइफ को बयान करती है। ह्र्दय रेखा विभिन्न प्रकार विपरीत लिंगों के बीच आकर्षण, प्रेम, रोमांटिक जीवन की प्रकृति, जीवन साथी को दर्शाती है। व्यक्ति का प्रेम संबंध कैसा होगा ।

प्रेम संबंध अच्छा है या खराब और अगर खराब है तो बाधाएं किस कारण से आ रही हैं यह सभी कुछ इस रेखा से जाना जा सकता है।

इस रेखा का आरंभ तर्जनी उंगली के नीचे हथेली को पार करता हुआ कनिष्ठा उंगली पर होता है। यह रेखा जीवन रेखा और मस्तिष्क रेखा के ऊपर हथेली के ऊपरी हिस्से पर स्थित होती है।

यह रोमांटिक संभावनाओं, विपरीत लिंग के मध्य आकर्षण ,भावनात्मक स्थिरता और मनोवैज्ञानिक सहनशक्ति का विश्लेषण करने के लिए प्रयोग होती है।

इसका आरंभ तीन महत्वपूर्ण स्थानों गुरु पर्वत के मध्य से ,पहली और दूसरी उंगलियों के बीच और शनि पर्वत के मध्य से होता है। जिसके माध्यम से मनुष्य की संपूर्ण रोमांटिक लाइफ के बारे में पता लगाया जा सकता है।

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