आप के भी कुंडली में राज योग हैं?

शायद इन 32 राजयोग में से ये वाला योग आपकी कुंडली में तो नहीं, जो बदल देगा सारे ग्रहों की चाल

कुछ व्‍यक्‍ति कुंडली में ऐसे योग लेकर पैदा होते हैं कि उनकी पूरी जिंदगी आराम, शासन और ठाट-बाट से गुजरती है, जिनके लिए कहा जाता है कि वे राजयोग के साथ पैदा हुए हैं । लेकिन ऐसा व्यक्ति जिसके जीवन में साधन सुविधाओं का आभाव है, वह भी चाहता हैं कि उसका जीवन भी राजयोग वाले व्यक्तियों के जैसा सर्व सम्पन्न हो लेकिन ऐसा हर किसी के लिए संभव नहीं, लेकिन अगर किसी की कुंडली में राजयोग के योग बने हो तो उसे पता कैसे चले, इसके लिए ज्‍योतिष शास्त्र में व्‍यक्‍त‍ि को सर्वोच्‍च प्रतिष्‍ठा प्रदान करने वाले कुल 32 प्रकार के राजयोग बताएं गए हैं जो व्यक्ति जमीन के व्यक्ति को आसमान पर भी बैठा सकते हैं.. जाने कहीं आपकी कुंडली में भी तो ऐसे योग नहीं जो जल्दी ही आपकी कुंडली के सभी विपरीत ग्रहों की चाल पल भर में बदल दें ।

                 

- सुख और समृद्धि के अलावा जिसके पास बहुत बड़ी सत्ता हो, शक्ति हो और जिसके आदेश का पालन लोग करते हों, वही एक प्रकार का राजयोगी कहलाता हैं, इसलिए राजयोग को सभी योगों का राजा कहा जाता हैं । ज्योतिष के अनुसार 32 प्रकार के राजयोग माने जाते हैं, और ये सभी 32 योग एक साथ किसी की भी कुंडली में मिलते नहीं हैं, और अकर किसी में मिल जाय तो जातक चक्रवर्ती विश्व विजयी राजा होता ही होता हैं ।


1- नीचभंग राजयोग - ये बहुत प्रभावशाली राजयोग माना गया हैं, जब किसी कुंडली में 6, 8 और 12वें घर के स्वामी इसी भाव में स्थित हों तो यह राजयोग बनता है । ऐसा व्यक्ति राजनीति और प्रशासन के उच्च पद को सुशोभित करता है । जिस ग्रह से नीचभंग राजयोग बनता है, उसी ग्रह के फील्ड में व्यक्ति राज करता है । अगर यह स्थिति सूर्य से बनती है तो ऐसे व्यक्ति की लोकप्रियता बहुत अधिक होती है । बहुत साधारण परिवार में जन्म लेने वाला बच्चा भी इस योग के कारण विश्वस्तर का प्रख्यात व्यक्ति बन सकता है ।

2- गजकेसरी योग - गजकेसरी एक महान राजयोग होता है, गुरु से चंद्रमा केंद्र में या दोनों एक साथ केन्द्रस्थ हों तो गजकेसरी योग बनता है । ऐसा जातक जीवन में कोई बड़ा कार्य करता है । वह विद्वान होता है और धन, पद तथा प्रतिष्ठा की प्राप्ति करता है । जन्म के समय जो ग्रह नीच राशि में हो उस राशि का स्वामी या उसकी उच्च राशि का स्वामी लग्न में हो या चंद्रमा से केंद्र में हो तो ऐसा जातक राजा होता है ।



3- बुधादित्य योग -  एक साथ हो जाते हैं तब बुधादित्य योग बनता है । ऐसा जातक सूर्य के समान तेजस्वी होता है । जीवन में राजनीति में बहुत सफल होता है । प्रशासनिक अधिकारी होता है ।
4- लग्न, पंचम और नवम के स्वामी एक दूसरे के घर में हों तो ऐसे जातक राजा होते हैं ।
5- जिस जातक के लग्न, पंचम और नवम में शुभ ग्रह स्थित हों, उसे भी राजयोग मिलता है ।

6- एकादश भाव में कई शुभ ग्रह एक साथ विराजमान होने पर भी राज योग बनता है ।
7- त्रिकोण के गृह स्वग्रही या उच्च के हों तो ऐसा जातक जीवन में बहुत धन अर्जित करता है और कई धार्मिक कार्य करता है । ऐसे जातक अक्‍सर विद्यालय खोलते हैं, मन्दिर और धर्मशाला बनवाते हैं । साथ ही वे बहुत ही धनी, दानी और लोकप्रिय होते हैं ।
8- कर्क लग्न के जातक बहुत सफल राजनीतिज्ञ होते हैं ।

9- गुरु यदि चंद्र के साथ लग्न में स्थित हो और सूर्य की स्थिति मजबूत हो तो ऐसा जातक बहुत लोकप्रिय नेता होता है । भारत के कई प्रधानमंत्री और देश विदेश कब बड़े नेता कर्क लग्न वाले ही हैं ।
10- शुक्र भी राजयोग बनाता है । फिल्म और संगीत में लोकप्रियता और सफलता के लिए शुक्र का मजबूत होना बहुत जरूरी है । इसके लिए जरूरी है कि केंद्र का शुक्र हो, स्वराशि का हो, त्रिकोण में हो और तुला या वृष में स्थित हो । अपनी उच्च राशि में केंद्र या त्रिकोण में हो तो ऐसा जातक कला, फिल्म, संगीत और साहित्य में विश्व स्तर पर नाम करता है ।
वैसे तो राजयोग और बताएं गए है पर, ज्योतिष शास्त्र में उपरोक्त राजयोग ही प्रमुख माने गये हैं ।

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