विवाह बाधा निवारण/Marriage interruption prevention astro

जन्मकुंडली में नही बन रहे विवाह के योग, तो कीजिये ज्योतिष्य अनुसार कुछ उपाय....
विवाह जीवन का एक ऐसा मोड़ होता है जिसके अभाव में व्यक्ति अधूरा रहता है। लेकिन विवाह हर व्यक्ति की किस्मत में नहीं होता। लेकिन इसके ज्योतिषीय पहलू पर चर्चा करना भी जरूरी है।

जिस देश में विवाह को धार्मिक संस्कार मानकर विवाह पूर्व कुंडली मिलान को जरूरी माना गया हो वहां अविवाहितों की संख्या बढऩे के ज्योतिषीय कारण व समाधान पर चर्चा निहायत जरूरी होती है

और ज्योतिषशास्त्र अनुसार कुछ उपाय करके भी शीघ्र विवाह के योग बन सकते हैं आपकी कुंडली मे।

हल्दी के प्रयोग से उपाय-
 विवाह योग लोगों को शीघ्र विवाह के लिये प्रत्येक गुरुवार को नहाने वाले पानी में एक चुटकी हल्दी डालकर स्नान करना चाहिए।

भोजन में केसर का सेवन करने से विवाह शीघ्र होने की संभावनाएं बनती है।

पीला वस्त्र धारण करना-
ऐसे व्यक्ति को सदैव शरीर पर कोई भी एक पीला वस्त्र धारण करके रखना चाहिए।

वृद्धों का सम्मान करना-
उपाय करने वाले व्यक्ति को कभी भी अपने से बड़ों व बूढ़ों का अपमान नहीं करना चाहिए।

गाय को रोटी देना-
जिन व्यक्तियों को शीघ्र विवाह की कामना हों उन्हें गुरुवार को गाय को दो आटे के पेड़े पर थोडी हल्दी लगाकर खिलाना चाहिए तथा इसके साथ ही थोडा सा गुड़ व चने की पीली दाल का भोग गाय को लगाना शुभ होता है।

शीघ्र विवाह प्रयोग-
इसके अलावा शीघ्र विवाह के लिये एक प्रयोग भी किया जा सकता है. यह प्रयोग शुक्ल पक्ष के प्रथम गुरुवार को किया जाता है।

इस प्रयोग में गुरुवार की शाम को पांच प्रकार की मिठाई, हरी इलायची का जोड़ा तथा शुद्ध घी के दीपक के साथ जल अर्पित करना चाहिये। यह प्रयोग लगातार तीन गुरुवार को करना चाहिए।

केले के वृक्ष की पूजा- गुरुवार को केले के वृ़क्ष के सामने गुरु के 108 नामों का उच्चारण करने के साथ शुद्ध घी का दीपक जलाना चाहिए तथा जल भी अर्पित करना चाहिए।

सूखे नारियल से उपाय-
एक अन्य उपाय के रूप में सोमवार रात 12 बजे के बाद कुछ भी ग्रहण नहीं किया जाता, इस उपाय के लिये जल भी ग्रहण नहीं किया जाता।

इस उपाय को करने के लिये अगले दिन मंगलवार को प्रात: सूर्योदय काल में एक सूखा नारियल लें, सूखे नारियल में चाकू की सहायता से एक इंच लम्बा छेद कर लें।

अब इस छेद में 300 ग्राम बूरा (चीनी पाउडर) तथा 11 रुपये का पंचमेवा मिलाकर नारियल को भर देवें। यह कार्य करने के बाद इस नारियल को पीपल के पेड़ के नीचे गड्ढा करके दबा देवें।

इसके बाद गड्ढे को मिट्टी से भर देवें तथा कोई पत्थर उसके ऊपर रख देवें। यह क्रिया लगातार 7 मंगलवार तक करने से व्यक्ति को लाभ प्राप्त होता है। यह ध्यान रखना है कि सोमवार की रात 12 बजे के बाद कुछ भी ग्रहण नहीं करना है।

मांगलिक योग का उपाय-
अगर किसी का विवाह कुंडली के मांगलिक योग के कारण नहीं हो पा रहा है, तो ऐसे व्यक्ति को मंगलवार के दिन चण्डिका स्तोत्र का पाठ और शनिवार व मंगलवार को सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए। इससे भी विवाह के मार्ग की बाधाओं में कमी होती है।

छुआरे सिरहाने रख कर सोना-
यह उपाय उन व्यक्तियों को करना चाहिए जिन व्यक्तियों की विवाह की आयु हो चुकी है परन्तु विवाह सम्पन्न होने में बाधा आ रही है।

इस उपाय को करने के लिये शुक्रवार की रात आठ छुआरे जल में उबाल कर जल के साथ ही अपने सोने वाले स्थान पर सिरहाने रख कर सोयें तथा शनिवार प्रात: स्नान करने के बाद किसी भी बहते जल में इन्हें प्रवाहित कर दें।

कन्या करे कात्यायनी मंत्र का पाठ- जिस कन्या के विवाह में लगातार बाधा आ रही हो तो उस कन्या को देवी कात्यायनी मंत्र का जाप रोज 108 बार करना चाहिए।

यह मंत्र निम्न प्रकार है-
ओम् कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरी। नन्द गोप सुतं देवी पतिं मे कुरुते नम:।।

कन्या करे बृहस्पति की पूजा-
कन्या की कुंडली में विवाह सुख के कारक ग्रह बृहस्पति हैं। शीघ्र विवाह के लिए बृहस्पति का मंत्र जाप, दान, व्रत, पूजादि से विशेष लाभ होता है। बृहस्पति का दिन गुरुवार है और केले का पौधा इन्हें प्रिय है।

बृहस्पति का रंग पीला है। शीघ्र विवाह और वैवाहिक सुख के लिए कन्या को बृहस्पतिवार के दिन पीले वस्त्र धारण करने चाहिए, केले की पूजा करनी चाहिए और यदि संभव हो तो व्रत भी रखना चाहिए।

केले का सेवन बृहस्पतिवार को नहीं करना चाहिए।
बृहस्पति मंत्र ओम् बृं बृहस्पति नम: का पाठ करने से लाभ होता है।

पुरुष करे यह मंत्र पाठ- पुरुष जातक को शीघ्र विवाह के लिए दुर्गा सप्तशती के इस मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए-

पत्नी मनोरमां देहि मनोवृतानुसारिणीं, तारिणीं दुर्ग संसार सागरस्य कुलोद्भवाम्।

श्री कृष्ण के मंत्र का जाप- ऐसे लड़के जिनका विवाह नहीं हो रहा हो या वे जिससे प्रेम करते हैं उससे प्रेम विवाह में लगातार विलंब हो रहा हो, उन्हें शीघ्र मनपसंद विवाह के लिए श्रीकृष्ण के इस मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए-

क्लीं कृष्णाय गोविंदाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा।

शाबर मंत्र भी है उपयोगी- इस शाबर मंत्र का जाप करने से विवाह होने में किसी भी प्रकार की आ रही रुकावट, अड़चन अथवा समस्या का समाधान हो जाता है-

ओम् नम: शिवाय नम: महादेवाय…जैसे गोरा को तुम, जैसे सीता को राम,जैसे इंद्र को शची, जैसे राधा को श्याम।ऐसी ही जोड़ी हमारी बने महादेव,तुझे इस गुरु मंत्र की आन।।

इस मंत्र को भगवान शंकर के चित्र के सामने धूप, दीप प्रज्ज्वलित कर नियमित रूप से एक निश्चित समय पर 108 बार करने से विवाह होने में आ रही सभी बाधाएं नष्ट हो जाती हैं।

यह मंत्र स्त्री-पुरुष कोई भी कर सकता है। इस मंत्र का प्रभाव छह माह में प्राप्त होता है।

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