::: बगलामुखी शाबर मंत्र साधना :::


======================================
माता बगलामुखी के कई शाबर मंत्र मिलते है | ये मंत्र रक्षा कारक, विरोधियो का स्तम्भन , ग्रह बाधा स्तम्भन , वशीकरण आदि प्रयोजन के लिए उत्तम है | शाबर मंत्र की शक्ति गुरु कृपा और व्यक्ति के आत्मबल के साथ उसकी आतंरिक उर्जा से चलती है | मंत्र की शक्ति पूर्व संस्कार और कर्मो पर भी निर्भर करती है | शाबर मंत्र स्वयम सिद्ध होते हैं और इनमें ध्यान प्रधान है | आप जितने गहरे ध्यान में जाकर जप करेगे उतनी शक्ति का प्रवाह होगा | शाबर मंत्र की सिद्धि की कुछ निशानी होती है जैसे जप के दौरान आँखों से पानी आना, निरंतर उबासी आना, सर भरी पड़ना और बहुत सी निशानी हैं जो ज्यादातर लोग जानते नहीं हैं और लम्बे चोडे विधान देते हैं | शाबर मंत्र के लिए यह कहा गया है की १००० जाप पे सिद्धि , ५००० जाप पे उत्तम सिद्धि और १०००० जाप पे महासिद्धि |

मंत्र : ॐ मलयाचल बगला भगवती माहाक्रूरी माहाकराली
राज मुख बन्धनं , ग्राम मुख बन्धनं , ग्राम पुरुष बन्धनं ,
काल मुख बन्धनं , चौर मुख बन्धनं , व्याघ्र मुख बन्धनं ,
सर्व दुष्ट ग्रह बन्धनं , सर्व जन बन्धनं , वशिकुरु हूँ फट स्वाहा ||

विधान :
======
इस मंत्र का जप माता बगला के सामान्य नियमो का पालन करते हुए किसी शुभ मुहूर्त से शुरू कर विधि विधान सहित १० माला प्रतिदिन करें ११ दिनों तक और दशान्श हवन करें और नित्य १ माला जप करते रहें मंत्र जागृत रहेगा | किसी भी प्रयोग को करने के लिए संकल्प लें , कम से कम ५ माला जप करें और हवन कर दें प्रयोग सिद्ध होगा | रक्षा के लिए ७ बार मंत्र पढ़ के छाती पे और दसो दीशाओ मैं फुक मार दें , किसी भी चीज़ का भय नहीं रहेगा | नियमित जाप से मंत्र मैं लिखे सभी कार्य स्वयम सिद्ध होते हैं अलग से प्रयोग की आवश्यकता नहीं है | मंत्र को ग्रहण , दिवाली आदी पर्व में जप कर पूर्णता जागृत रखें | नज़र दोष के लिए मंत्र को पढ़ते हुए मोर पंख से झाडे |पीला नेवेद्य माता को अर्पित करे | ध्यान मग्न होकर जप करने से जल्दी सिद्ध होता है |मंत्र सिद्धि के पूर्व किसी बगला साधक से संपर्क कर उनसे मंत्र ग्रहण करें और विधि-विधान समझ लें |..................................................................
अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करें,,
9472998128

Comments

Popular posts from this blog

*खुद का घर कब और कैसा होगा-*

वास्तु दोष -के निवारण जाने,,,, कैसे करते हैं।

शिव भक्त राहु